उत्तराखंड कैबिनेट ने किया पीएम मोदी का धन्यवाद

हरिद्वार, 12 अक्टूबर। उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के प्रमुख के रूप में राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया गया। मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश और प्रदेश में हुए विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचे के विस्तार की सराहना की।
प्रस्ताव में बताया गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी यात्रा शुरू की थी। उनके नेतृत्व में जनधन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं से करोड़ों लोगों को लाभ मिला है। मंत्रिमंडल ने अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने, वन रैंक वन पेंशन लागू करने और चंद्रयान-3 की सफलता को भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां बताया।
कनेक्टिविटी परियोजनाओं से बदलेगी तस्वीर
धन्यवाद प्रस्ताव में उत्तराखंड की प्रमुख विकास परियोजनाओं का विशेष उल्लेख किया गया। लगभग 213 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे का 14 अप्रैल 2026 को लोकार्पण किया गया। इसके शुरू होने से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा का समय छह घंटे से अधिक से घटकर लगभग ढाई घंटे रह गया है।
लगभग 12,595 करोड़ रुपये की चारधाम महामार्ग विकास परियोजना से बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम तक सड़क संपर्क बेहतर बनाने का लक्ष्य है। वहीं, 125 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर्वतीय क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम बनाने के लिए 4,081 करोड़ रुपये की सोनप्रयाग-केदारनाथ रोपवे परियोजना और 2,730 करोड़ रुपये की गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना को मिली स्वीकृति का भी उल्लेख किया गया। इसके अतिरिक्त केदारनाथ पुनर्निर्माण और बदरीनाथ धाम मास्टर प्लान के तहत जारी कार्यों को धार्मिक पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
ऊर्जा, उद्योग और स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश
प्रस्ताव में दशकों से लंबित जमरानी बांध, लखवाड़ और किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में केंद्र के सहयोग की सराहना की गई। टिहरी में स्थापित की जा रही 1,000 मेगावाट क्षमता की पंप्ड स्टोरेज परियोजना को ऊर्जा क्षेत्र की अहम पहल बताया गया।
ऊधमसिंह नगर के खुरपिया में विकसित हो रहे एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर से निवेश और रोजगार बढ़ने की उम्मीद जताई गई। किच्छा में एम्स ऋषिकेश के सैटेलाइट सेंटर से कुमाऊं और तराई क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिलेगी।
आपदा प्रबंधन और पर्यटन को प्रोत्साहन
मंत्रिमंडल ने नवंबर 2023 में सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों के 17 दिवसीय बचाव अभियान, वर्ष 2024 में सहस्त्रताल और केदारनाथ मार्ग की आपदाओं तथा अगस्त 2025 में धराली आपदा के दौरान केंद्र सरकार के सहयोग का उल्लेख किया।
प्रस्ताव में आदि कैलाश यात्रा, वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम के तहत प्रदेश के 51 सीमांत गांवों को प्राथमिकता देने और शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल की सराहना की गई। मंत्रिमंडल के अनुसार, शीतकालीन यात्रा में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या लगभग 80 हजार से बढ़कर डेढ़ लाख तक पहुंची है।
कैबिनेट ने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में योगदान देने के लिए विकास और विरासत, आधुनिकता और संस्कृति और अर्थव्यवस्था व पर्यावरण के बीच संतुलन बनाते हुए उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।



