डिजिटल कौशल और व्यावहारिक ज्ञान रोजगार की कुंजी

नई टिहरी (गढ़वाल), 09 अक्टूबर। पीजी कॉलेज में करियर काउंसलिंग, कौशल विकास एवं उद्यमिता विकास को लेकर छात्र-छात्राओं को रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसरों की जानकारी दी गई।
शुक्रवार को प्राचार्य प्रो. कुमारी प्रीति के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ प्रो. राजकुमार त्यागी, डॉ. अनिल भट्ट, डॉ. देवेंद्र सिंह तोपवाल, डॉ. नूर हसन, डॉ. ऋतुराज पंत, डॉ. संजय कुमार, डॉ. हिमानी, डॉ. मीनाक्षी शर्मा और डॉ. कमलेश पांडेय ने किया।
मुख्य वक्ता डॉ. अनिल भट्ट ने छात्रों को स्नातक और स्नातकोत्तर के बाद उपलब्ध करियर विकल्पों की जानकारी दी। बताया कि डिजिटल युग में तकनीकी ज्ञान, व्यावहारिक कौशल और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति रोजगार के अवसर बढ़ाने में महत्वपूर्ण है। उन्होंने छात्रों को रुचि और क्षमता के अनुरूप करियर चुनने की सलाह दी।
करियर काउंसलिंग एवं कौशल विकास प्रकोष्ठ के समन्वयक डॉ. संजय कुमार ने कहा कि डिग्री के साथ व्यावहारिक कौशल विकसित करना भी जरूरी है। देवभूमि उद्यमिता योजना की समन्वयक डॉ. हिमानी ने योजना के उद्देश्यों और उद्यमिता के अवसरों की जानकारी दी। आपदा प्रबंधन मास्टर ट्रेनर अनिल सकलानी ने आपदा के दौरान खोज एवं बचाव कार्यों व सुरक्षा उपायों के बारे में बताया।
कार्यक्रम में प्रो. डीपीएस भंडारी, डॉ. दिलीप भाटिया, डॉ. सचिन कुमार, डॉ. सुभाष नौटियाल, डॉ. विजय उनियाल, डॉ. गीता सैनी, डॉ. आरती खंडूरी, डॉ. आराधना सक्सेना, डॉ. चंद्रावती जोशी, डॉ. हर्षिता जोशी, आशीष कंडारी, सुजल, कृष, मनीषा, सृष्टि, पायल, स्वाति, निधि, शिवानी, संध्या, रेखा, गौरव, योगिता, पंकज, अंजलि, निखिल, पलक, डॉ. मीनाक्षी शर्मा आदि मौजूद रहे।



