
देहरादून, 22 अक्टूबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बिधौली स्थित यूपीईएस के 24वें दीक्षांत समारोह में मेधावी छात्रों को ‘सिल्वर प्लेट पुरस्कार’ से सम्मानित किया। कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए निरंतर सीखने की भावना, मेहनत और लगन बेहद जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत /2047’ के संकल्प का जिक्र करते हुए ने कहा कि इस राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भूमिका सबसे अहम होगी। विश्वास जताया कि यूपीईएस से पासआउट छात्र अपनी प्रतिभा और क्षमताओं से देश-दुनिया में उत्तराखंड का नाम रोशन करेंगे।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने राज्य में शिक्षा, तकनीक और नवाचार के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में सरकार के प्रयासों को रेखांकित करते हुए प्रमुख घोषणाएं और उपलब्धियां साझा कीं। कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस और ग्रीन एनर्जी के दौर में उत्तराखंड को शिक्षा व अनुसंधान का केंद्र बनाया जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू करने के साथ ही दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज’ की स्थापना की गई है।
उन्होंने कहा कि युवाओं में इनोवेशन और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए देहरादून में ‘साइंस सिटी’ का निर्माण किया जा रहा है। देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर बीते पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
इस मौके पर यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, यूपीईएस के अध्यक्ष डॉ. राम के. शर्मा, कुलपति डॉ. सुनील राय, प्रो-वाइस चांसलर मनीष मदान आदि मौजूद रहे।



