स्वरोजगार में दूसरों को भी काम दे रही हैं महिलाएं

पौड़ी, 29 अगस्त। ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत पर्वतीय क्षेत्र में महिलाएं अब स्थानीय स्तर पर ही स्वरोजगार को अपना रही हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी खांड्यूंसैंण की कलावती देवी और ग्राम गहड़ की रामेश्वरी देवी ने अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़कर मिसाल कायम की है।
मां भगवती स्वयं सहायता समूह से जुड़ी कलावती देवी को हिमोत्थान सोसाइटी से 20 हजार रुपये का अनुदान मिला, जिससे उन्होंने सिलाई मशीन खरीदी। साथ ही आरसेटी से जूट बैग निर्माण का प्रशिक्षण भी लिया। वर्तमान में वह सिलाई के साथ ब्यूटी पार्लर का कार्य कर रही हैं। उनके काम से एक अन्य महिला को भी रोजगार मिला है।
कलावती ने बताया कि जल्द ही जूट बैग निर्माण शुरू कर अन्य महिलाओं को भी जोड़ा जाएगा। बताया कि वर्तमान में उन्हें प्रतिमाह करीब 15 हजार रुपये की आय हो रही है। इससे उनकी आर्थिकी में सुधार हुआ है। 
डांडा नागराजा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी रामेश्वरी देवी ने पौड़ी में पुलिस लाइन के पास दुकान स्थापित की है। जहां वह मंडुवा, झंगोरा, पहाड़ी दाल, जैम, अचार, बद्री गाय का घी, स्थानीय सब्जियों और अन्य पहाड़ी उत्पाद बेचती हैं। उन्हें प्रतिमाह करीब छह से सात हजार रुपये की शुद्ध आय हो रही है। बताया कि वर्ष 2025 में एनआरएलएम, नाबार्ड और हीमोत्थान सोसाइटी के सहयोग से तीन लाख का सीसीएल ऋण लिया था।
ब्लॉक मिशन मैनेजर विजय बिष्ट ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में समूहों की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण, ऋण और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। बताया कि जनपद में कई महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।



