उत्तराखंडः जिलों में खुलेंगे विदेशी भाषा ट्रेनिंग सेंटर

देहरादून, 14 अक्टूबर। प्रदेश सरकार उत्तराखंड के युवाओं के लिए विदेशी भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम का विस्तार करेगी। इसके तहत प्रत्येक जनपद में प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने संबंधित विभागों को समग्र योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
बुधवार को सचिवालय में बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि विदेशी भाषा प्रशिक्षण को कौशल विकास कार्यक्रम के तौर पर विकसित किया जाए। ताकि विद्यार्थियों, आईटीआई प्रशिक्षुओं, चिकित्सा व नर्सिंग क्षेत्र से जुड़े युवाओं और अन्य इच्छुक लोगों को लाभ मिल सके। उन्होंने कार्मिक एवं वित्त विभाग को समग्र प्रस्ताव तैयार करने को कहा।
शिक्षा विभाग को अटल उत्कृष्ट विद्यालयों और राजीव नवोदय विद्यालयों में अंग्रेजी के अतिरिक्त अन्य विदेशी भाषाओं के प्रशिक्षण की योजना बनाने के निर्देश दिए गए। वहीं, कौशल विकास एवं सेवायोजन कार्यालय द्वारा देहरादून, अल्मोड़ा और बागेश्वर में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का प्रदेशभर में विस्तार किया जाएगा। कौशल विकास विभाग के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को भी इस पहल से जोड़ा जाएगा।
मुख्य सचिव ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने और प्रशिक्षित युवाओं को देश-विदेश में रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ निरंतर समन्वय पर जोर दिया। प्रशिक्षण कार्यक्रमों में दून विश्वविद्यालय के विदेशी भाषा के विद्यार्थियों की सेवाएं लेने तथा उन्हें शैक्षणिक क्रेडिट या अन्य प्रोत्साहन देने की व्यवस्था करने को भी कहा।
इसके अलावा, सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे लगभग 600 विद्यार्थियों के नर्सिंग पाठ्यक्रम में विदेशी भाषाओं को शामिल करने के निर्देश दिए गए। इस पहल से युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर उपलब्ध कराने की उम्मीद है।
इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर, डॉ रंजीत कुमार सिन्हा, विनय शंकर पाण्डेय, ज्योति यादव, प्रो सुरेखा डंगवाल, अपर सचिव मनुज गोयल आदि मौजूद रहे।



