वन्यजीवों का सामना करने वाले 18 लोग सम्मानित
सीएम धामी ने किया वन्यजीव सप्ताह-2026 का शुभारंभ

देहरादून, 1 अक्टूबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एफआरआई कैंपस में वन्यजीव सप्ताह-2026 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर वन्यजीव संघर्ष के दौरान साहस दिखाने और दूसरों की जान बचाने वाले 18 लोगों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी सम्मानितों को 51-51 हजार रुपये देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रत्येक जिले में कम से कम एक नए पर्यटन स्थल की पहचान कर प्राकृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए पर्यटक सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए। कहा कि हल्द्वानी में चिड़ियाघर की परिकल्पना को सरकार के घोषणा पत्र में शामिल किया गया है, इस दिशा में तेजी से कार्य किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की प्रकृति और जैव विविधता राज्य की बड़ी पूंजी है। कॉर्बेट और राजाजी जैसे राष्ट्रीय उद्यान राज्य की पहचान हैं। सरकार का प्रयास प्रकृति संरक्षण के साथ वन्यजीव और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देना है, ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलें।
धामी ने कहा कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से राजाजी टाइगर रिजर्व में बाघों के पुनर्स्थापन परियोजना का दूसरा चरण शुरू होने जा रहा है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्नो लेपर्ड पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए अधिकारियों को तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत की जा रही है। कॉर्बेट और राजाजी में स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के गठन की दिशा में भी निर्णय लिया गया है। वन्यजीव हमले में मृत्यु पर अनुग्रह राशि छह से बढ़ाकर 10 लाख रुपये की गई है, जबकि घायलों के इलाज का खर्च सरकार वहन कर रही है।
उन्होंने पर्यटकों से जंगल सफारी और राष्ट्रीय उद्यानों में स्वच्छता बनाए रखने, प्लास्टिक न छोड़ने और वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्टॉलों और वन्यजीव फोटोग्राफी पर आधारित फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। वहीं, निबंध प्रतियोगिता के विजेता छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया।
मौके पर वनमंत्री सुबोध उनियाल, विधायक सविता कपूर, राजीव तलवार, मीडिया सलाहकार समिति अध्यक्ष प्रो. गोविंद बिष्ट, प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) कपिल लाल, प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव), मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक नीना ग्रेवाल आदि मौजूद रहे।



