देहरादून

उत्तराखंड @25: सीएम ने किया ‘थ्रोन ऑफ द गॉड्स’ का विमोचन

जनपद स्तर पर उत्कृष्ट होम स्टे संचालकों को भी किया सम्मानित

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़ी कैंट स्थित हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित उत्तराखंड @25- रोमांच, आध्यात्म और अनोखी संस्कृति का उत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नीति में आयोजित होने वाली अल्ट्रा मैराथन रेस के लोगो का अनावरण और थ्रोन ऑफ द गॉड्स कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने फोटो प्रदर्शनी प्रतियोगिता के विजेताओं, 13 जिलों के उत्कृष्ट होमस्टे संचालकों, एस्ट्रो टूर गाइड्स, टूर मैनेजर्स, तथा काला नाग चोटी का सफल आरोहण करने वाले पर्वतारोहियों और आईटीबीपी के दल को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने पर उत्तराखंड ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। यह तरक्की आंदोलनकारियों की तपस्या और जनसहयोग का परिणाम है। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और कनेक्टिविटी समेत सभी प्रमुख क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि जहां कभी सड़कें बनाना कठिन था, आज वहां ऑल-वेदर रोड बन रही है, और जहां कभी संचार एक सपना था, अब डिजिटल उत्तराखंड साकार हो रहा है। कहा कि राज्य में स्टार्टअप्स और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। वीर चंद्रसिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना और दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास (होमस्टे) योजना के माध्यम से हजारों युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया गया है। पर्यटन एवं आतिथ्य कौशल विकास कार्यक्रमों से अब तक 8,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि नई पर्यटन नीति बनने के बाद राज्य में 207 से अधिक निवेशक ₹5,500 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं। शीतकालीन पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए शीतकालीन चारधाम यात्रा और जादूंग, दारमा घाटी, पंचाचूली बेस कैंप जैसे उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियां शुरू की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड अब तीर्थाटन के साथ-साथ एडवेंचर टूरिज्म का केंद्र भी बन रहा है। पैराग्लाइडिंग, ट्रेकिंग, रिवर राफ्टिंग, माउंटेन बाइकिंग जैसे खेलों से युवाओं के लिए नए अवसर खुले हैं। साथ ही एस्ट्रो टूरिज्म, वेड-इन-उत्तराखंड और स्पिरिचुअल डेस्टिनेशन डेवलपमेंट जैसी पहलें राज्य के पर्यटन को नई दिशा दे रही हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने हाल ही में कहा था कि उत्तराखंड की शक्ति उसकी आध्यात्मिक ऊर्जा में निहित है। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे धार्मिक स्थल न केवल राज्य बल्कि पूरे देश की आस्था के केंद्र हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जनपद, दो उत्पाद योजना, हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड, स्टेट मिलेट मिशन, नई पर्यटन नीति, नई फिल्म नीति, सौर स्वरोजगार योजना और अन्य पहलों के माध्यम से राज्य की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 में जखोल, हर्षिल, सुपी और गुंजी जैसे गांवों को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम के रूप में चयनित किया गया। वहीं इंटरनेशनल सेंटर फॉर रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म द्वारा उत्तराखंड को स्किल डेवलपमेंट इन रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म श्रेणी में विशेष सम्मान प्राप्त हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने के लिए उत्तराखंड को आगामी 25 वर्षों का रोडमैप तय करना होगा। उन्होंने कहा कि यदि हर उत्तराखंडी निष्ठा और समर्पण से कार्य करेगा तो उत्तराखंड निश्चित रूप से एक विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनेगा।

सर्वश्रेष्ठ होमस्टे संचालक सम्मानित
जनपद स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वालों में अल्मोड़ा से हरेंद्र सिंह बिष्ट, बागेश्वर से मोहन चंद्र कांडपाल, चमोली से सरिता देवी, देहरादून से नीलम चौहान, हरिद्वार से सुनीता सिंह, चंपावत से नीरज जोशी, रुद्रप्रयाग से कैलाश पुष्पवाण, पौड़ी से त्रिभुवन उनियाल, पिथौरागढ़ से मथुरा दत्त कालोनी, नैनीताल से उमंग वासुदेव, टिहरी से जितेंद्र सिंह, उत्तरकाशी से अखिल पंत और उधमसिंह नगर से दीपक चतुर्वेदी शामिल रहे।

कार्यक्रम में यह रहे मौजूद
विधायक खजान दास, सविता कपूर, बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल, अपर सचिव अभिषेक रुहेला आदि।

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