कार्मिक संगठनों ने सीएम धामी को बताई अपनी समस्याएं

देहरादून, 11 अगस्त। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलकर कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधिमंडलों ने उन्हें अपने विभागों व संवर्गों से की समस्याओं और मांगों से अवगत कराया। सीएम ने अधिकारियों को यथोचित कार्यवाही के निर्देश दिए।
शिक्षा अधिकारी प्रशासनिक संवर्ग एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने गोविंद राम जायसवाल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने निदेशक, अपर निदेशक, संयुक्त निदेशक व खंड शिक्षा अधिकारियों के रिक्त पदों पर विभागीय पदोन्नति, कार्मिकों की परिवीक्षा अवधि पूर्ण होने पर स्थायीकरण आदि मांगों को रखा।
उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ जल संस्थान ने जल संस्थान के राजकीयकरण की मांग उठाई। वहीं, उत्तराखंड विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ ने विश्वविद्यालयों में गैर-शैक्षणिक कार्मिकों के रिक्त पद भरे जाने, उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में गैर-शिक्षण कार्मिकों के पदों के पुनर्गठन और गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में कार्यरत प्रयोगशाला सहायकों को राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों में कार्यरत प्रयोगशाला सहायकों के समान वेतनमान देने की मांग की।
उत्तराखंड जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने 25 अक्टूबर 2005 से पूर्व विज्ञापित पदों पर नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना में सम्मिलित किए जाने और वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी परीक्षा में शिथिलता प्रदान करने की डिमांड की।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संगठन, उत्तराखंड एएनएम संवर्ग संगठन, लैब टेक्निशियन संगठन, राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ, माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ, अंशकालिक शिक्षक संघ और उत्तराखंड राज्य आबकारी निरीक्षक संघ ने भी मुख्यमंत्री को अपनी मांगों और समस्याओं से अवगत कराया।
मुख्यमंत्री धामी ने प्रमुख सचिव आरके सुधांशु को कार्मिक संगठनों की मांगों और समस्याओं का परीक्षण कराते हुए समाधान की दिशा में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
मौके पर सचिव शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर, आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर सचिव जेसी काण्डपाल आदि अधिकारी मौजूद रहे।



