टिहरी झील के लिए बनेगा समग्र मास्टर प्लान
आठ हजार हेक्टेयर क्षेत्र को शामिल कर जोनल प्लानिंग

देहरादून, 24 सितम्बर। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने टिहरी झील को ‘वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन’ के रूप में विकसित करने के लिए समग्र मास्टर प्लान तैयार करने को कहा हैं। सचिवालय में पर्यटन विभाग के साथ बैठक में उन्होंने कहा कि झील क्षेत्र का दीर्घकालिक और सुनियोजित विकास कि जाए।
मुख्य सचिव ने टिहरी झील के आसपास करीब आठ हजार हेक्टेयर क्षेत्र को मास्टर और जोनल प्लान में शामिल करने को कहा। इसमें सरकारी और निजी भूमि दोनों को शामिल किया जाएगा। बेतरतीब विकास रोकने के लिए क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों, पर्यावरणीय संवेदनशीलता, स्थानीय जरूरतों और पर्यटन संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जोन निर्धारित किए जाएंगे। योजना तैयार करते समय सभी संबंधित स्टेकहोल्डर्स से सुझाव लेने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने झील क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों के प्रमुख आकर्षण केंद्र विकसित करने और इसके लिए फेजवाइज योजना बनाने को कहा, ताकि पर्यटकों का ठहराव एक-दो दिन या उससे अधिक हो सके। अप्रैल से जून के दौरान जलस्तर कम रहने पर भी पर्यटन गतिविधियां जारी रखने के लिए मौसम और जलस्तर के अनुसार गतिविधियों का कैलेंडर तैयार किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने नए ट्रैकिंग रूट और ट्रेल्स विकसित करने और आसपास के गांवों को पर्यटन से जोड़ने के निर्देश दिए। विलेज और कल्चरल विजिट के माध्यम से स्थानीय संस्कृति, खान-पान और ग्रामीण जीवन से पर्यटकों को जोड़ने पर भी जोर दिया गया। सीएस ने कार्ययोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण तैयार कर प्रधानमंत्री के सामने रखने को कहा। अगली बैठक में टीएचडीसी अधिकारियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
बैठक में सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल, एपीसीसीएफ डॉ. विवेक पाण्डेय, सुरेन्द्र मेहरा, सीसीएफ प्रसन्ना कुमार पात्रो, अपर सचिव विनीत कुमार, हिमांशु खुराना, अभिषेक रोहिला, जिलाधिकारी टिहरी नितिका खण्डेलवाल आदि मौजूद रहे।



