सत्संग से जागृत होता है विवकः इंद्रजीत शर्मा

नरेंद्रनगर, 15 अक्टूबर। कुंजापुरी मेले में संत निरंकारी मिशन की ओर से सत्संग आयोजित किया गया। दिल्ली से आए ज्ञान प्रचारक इंद्रजीत शर्मा ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान, सत्संग की महत्ता और परमात्मा की पहचान का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वास्तविक सुख और शांति भौतिक उपलब्धियों में नहीं, बल्कि परमात्मा से जुड़ने में है।
महात्मा इंद्रजीत शर्मा ने कहा कि मनुष्य जीवनभर माया, मोह और तृष्णा के पीछे भागता रहता है, लेकिन उसकी इच्छाएं कभी समाप्त नहीं होतीं। बड़े-बड़े भवनों, संपत्तियों और सुख-सुविधाओं के बावजूद मनुष्य को स्थायी संतोष नहीं मिल पाता। परमात्मा की पहचान और उससे जुड़ाव ही जीवन में वास्तविक शांति का मार्ग है।
उन्होंने कहा कि गुरु मनुष्य के अज्ञान का पर्दा हटाकर उसे परमात्मा का बोध कराता है। सत्संग से विवेक जागृत होता है और जीवन के वास्तविक उद्देश्य की समझ विकसित होती है। उन्होंने स्वामी रामकृष्ण परमहंस सहित अनेक महापुरुषों के आध्यात्मिक विचारों का उल्लेख करते हुए गुरु और ज्ञान की महत्ता बताई।



