संस्कृत के संरक्षण-संवर्धन को सरकार प्रतिबद्धः शिक्षामंत्री

ऋषिकेश, 1 सितंबर। संस्कृत विद्यालयों की ओर से भरत मंदिर में संस्कृत गोष्ठी और नगर में शोभायात्रा आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में संस्कृत को द्वितीय राजभाषा का दर्जा प्राप्त है। राज्य सरकार इसके संरक्षण व संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने किया। इसके बाद उन्होंने संस्कृत शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि संस्कृत को जन-जन की भाषा बनाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि सरकार के संकल्प के अनुरूप प्रदेश के प्रत्येक जनपद में संस्कृत ग्राम स्थापित किए गए हैं। जिनमें संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिए प्रशिक्षकों की नियुक्ति की गई है। कहा कि संस्कृत भाषा से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने नशामुक्त उत्तराखंड अभियान के तहत छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अन्य लोगों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई। वहीं उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद कर नशे के दुष्प्रभावों और बचाव के उपायों पर भी चर्चा की।
मौके पर मेयर शंभू पासवान, पूर्व मेयर अनीता ममगाईं, जयेंद्र रमोला, संजय शास्त्री, केशव स्वरूप ब्रह्मचारी, गोपालचार्य, डॉ अनुसूया प्रसाद सुन्दरियाल, डॉ जनार्दन प्रसाद कैरवान, डॉ नवीन पंत, सुभाष चन्द्र डोभाल, डॉ सुशील कुमार नौटियाल, डॉ ओमप्रकाश पूर्वाल, नवीन भट्ट, सुरेन्द्र भट्ट, विनायक भट्ट, विजय जुगलान, कृष्ण प्रसाद उनियाल, डॉ गिरीश पांडेय, डॉ संतोष मुनि, सुमन झा, नवल किशोर, डॉ अनील नौटियाल, मनोज द्विवेदी विपिन बहुगुणा, जितेन्द्र भट्ट, शान्ति डंगवाल, कृष्णा प्रसाद उनियाल, पूजा वशिष्ठ, हंसराज भट्ट, विकास कोठारी, शान्ति प्रसाद मैठाणी, सुबोध बमोला, लालमणि व्यास आदि मौजूद रहे।



