देहरादून

लोक भवन परिसर में पहाड़ी शैली में बनेंगे नए बहुउद्देशीय भवन

• राज्यपाल गुरमीत सिंह और सीएम पुष्कर सिंह धामी ने रखी बुनियाद

• पहाड़ी वास्तुकला और आधुनिक सुविधाओं का अनूठा संगम होंगे नए भवन

देहरादून। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ’लोक भवन’ परिसर में बहुउद्देशीय भवनों का शिलान्यास किया। शासन की कार्यप्रणाली को अधिक सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई यह परियोजना प्रशासनिक दक्षता के साथ-साथ राज्य की सांस्कृतिक पहचान को भी नए आयाम देगी।

परिसर में निर्मित होने वाले इन भवनों को विभिन्न आवश्यक जन-सुविधाओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। प्रस्तावित योजना के तहत पहले भवन में एक समेकित डिस्पेंसरी स्थापित की जाएगी, जहाँ आयुष और एलोपैथी का समन्वय देखने को मिलेगा। इस डिस्पेंसरी में आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और एलोपैथिक चिकित्सा के अलग-अलग कक्ष होंगे, जिससे परिसर में ही व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ होंगी।

वहीं, दूसरे भवन में सूचना परिसर और एक आधुनिक कैफेटेरिया का निर्माण होगा। तृतीय और चतुर्थ भवनों को लोक निर्माण विभाग और उद्यान विभाग के कार्यालयों के लिए आवंटित किया गया है। सभी निर्माण कार्यों की सबसे बड़ी विशेषता इनका ’पारंपरिक पहाड़ी वास्तुकला’ पर आधारित होना है, जिससे स्थानीय संस्कृति और विरासत को संरक्षण और प्रोत्साहन मिलेगा।

राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि इन नए भवनों के अस्तित्व में आने से लोक भवन की कार्यप्रणाली अधिक सशक्त होगी। विश्वास जताया कि एक ही स्थान पर विभिन्न सेवाओं की उपलब्धता से न केवल कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि आम जनता को भी त्वरित और बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।

उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि इस परियोजना में आधुनिक तकनीक और प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का बेहतरीन समन्वय किया गया है, जो समय और संसाधनों की बचत के साथ प्रशासनिक कार्यों के कुशल निष्पादन में सहायक होगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पहल को सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। कहा कि लोक भवन परिसर में बहुउद्देशीय अवसंरचना विभागों के बीच आपसी समन्वय को और बेहतर बनाएगी। मुख्यमंत्री ने पहाड़ी वास्तुकला के प्रयोग पर जोर देते हुए कहा कि इससे न केवल उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय संसाधनों और कारीगरों के कौशल को भी एक बड़ा मंच प्राप्त होगा। यह पूरी परियोजना अंततः नागरिकों को उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं प्रदान करने और लोक सेवा की भावना को मजबूत करने का माध्यम बनेगी।

इस अवसर पर सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, विधि परामर्शी कौशल किशोर शुक्ल, उप सचिव लक्ष्मण राम आर्य, संयुक्त निदेशक सूचना डॉ. नितिन उपाध्याय, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग नीरज त्रिपाठी, सहायक अभियंता दिवाकर धस्माना, अपर सहायक अभियंता अमित सेमवाल आदि मौजूद रहे।

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