सर्पदंश पर द्विभाषी गाइडबुक ‘द स्नेकबाइट’ का विमोचन

डोईवाला। सर्पदंश से होने वाली मौतों को रोकने और ‘शून्य मृत्यु दर’ के लक्ष्य को हासिल करने पर आधारित किताब “द स्नेकबाइट गाइड : पहचान, प्राथमिक चिकित्सा और उपचार” का विमोचन किया गया। बताया गया कि डॉ. संजय दास और डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी की हिंदी व अंग्रेजी में लिखी गई गाइडबुक आम लोगों, छात्रों और चिकित्सकों के लिए उपयोगी संदर्भ सामग्री के रूप में तैयार की गई है।
भानियावाला स्थित एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कहा कि सर्पदंश आज भी जनस्वास्थ्य के लिए चुनौती बना हुआ है। कहा कि वैज्ञानिक जानकारी और समय पर उपचार से लोगों की जान बचाई जा सकती है। यह पुस्तक सर्पदंश की पहचान, प्राथमिक चिकित्सा और उपचार संबंधी समग्र जानकारी उपलब्ध कराती है।
बताया गया कि तीन भागों में विभाजित किताब के पहले भाग में डॉ. देवांशी दास के चित्रों के साथ क्षेत्र में पाए जाने वाले 32 विषैले और गैर-विषैले सांपों की पहचान संबंधी जानकारी दी गई है। दूसरे में चिकित्सकों के लिए एंटी-स्नेक वेनम (एएसवी) के उपयोग, उपचार प्रोटोकॉल और अस्पतालों में उपयोगी ‘स्नेकबाइट नोट शीट’ का विवरण शामिल है। तीसरे में सर्पदंश से जुड़े मिथकों और अंधविश्वासों का वैज्ञानिक आधार पर खंडन करते हुए बचाव और सही प्राथमिक उपचार की जानकारी दी गई है।
विशेषज्ञों ने गाइडबुक को मोबाइल एप्लिकेशन के रूप में विकसित करने, स्कूल पुस्तकालयों में उपलब्ध कराने और मेडिकल पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने भी जोर दिया।
समारोह में मुख्य अतिथि एसआरएचयू के कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल, डॉ. विजेंद्र चौहान (डीजी, एसआरएचयू), डॉ. ए. शरीफ (डीन, एचआईएमएस), डॉ. सुनील सैनी (निदेशक, कैंसर अनुसंधान केंद्र), एम्स ऋषिकेश के फोरेंसिक मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. बी.के. बस्तिया, फिल्म निर्माता मुरलीधरा दंपती आदि मौजूद रहे।



