140 छात्रों की कोचिंग का खर्च उठाएगी सरकार
सीएम धामी ने किया ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ पोर्टल का शुभारंभ

देहरादून, 10 अगस्त। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में भाग लिया।
उन्होंने “मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन” पोर्टल और 11वीं व 12वीं के विद्यार्थियों के लिए “मेरे सपनों का उत्तराखंडः एक विकसित राज्य हेतु मेरा दृष्टिकोण” विषय पर राज्यस्तरीय निबंध प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। इस वर्चुअल कार्यक्रम में प्रदेश के 2,828 सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों के 3 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि निबंध प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 140 छात्रों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही, राज्य सरकार इन चयनित विद्यार्थियों की NEET, JEE, CLAT, SAT जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग और अन्य आवश्यक शुल्कों का पूरा खर्च वहन करेगी।
संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने खेलों को बढ़ावा देने (सप्ताह में चार दिन खेल पीरियड), उच्च शिक्षा के विस्तार, पर्यटन प्रोत्साहन और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने इन सुझावों को स्वयं नोट करते हुए अधिकारियों को कार्ययोजना बनाने और इन्हें सरकारी नीतियों में शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य में संचालित ‘मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना’ का भी उल्लेख किया।
विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि परीक्षा में अंकों से अधिक विषयों की व्यावहारिक समझ, संस्कार और अनुशासन महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने छात्रों को पढ़ाई को बोझ न मानकर भविष्य संवारने का जरिया बनाने की सलाह दी।
तकनीक के उपयोग पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग केवल आवश्यकता पड़ने पर करें। AI सोचने और सीखने की क्षमता का विकल्प नहीं हो सकता; पहले अपने विवेक, बुद्धि और शिक्षकों के मार्गदर्शन का उपयोग करें। मुख्यमंत्री ने युवाओं का आह्वान किया कि वे जीवन में ’बिना किसी विकल्प के संकल्प’ लें, जिससे सफलता की राह आसान होती है।
मौके पर मीडिया सलाहकार समिति अध्यक्ष प्रो.गोविंद सिंह, सचिव शिक्षा ज्योति यादव, अपर सचिव नमामि बंसल, महानिदेशक शिक्षा आकांक्षा कोंडे, गोविंद राम जायसवाल, राहुल अग्रवाल, रिया अग्रवाल आदि मौजूद रहे।



