
देहरादून, 24 सितम्बर। प्रदेश के युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण देने और रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग और एम3एम फाउंडेशन के बीच एमओयू हुआ।
देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में विभाग के निदेशक (प्रशिक्षण) संजय कुमार और एम3एम फाउंडेशन के मैनेजिंग ट्रस्टी एवं प्रेसिडेंट डॉ. ऐश्वर्य महाजन ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
एमओयू के तहत युवाओं को आधुनिक तकनीकी ट्रेडों में प्रशिक्षण देने के साथ प्रशिक्षण की गुणवत्ता, उद्योगों से संपर्क, प्लेसमेंट और प्रशिक्षण के बाद रोजगार की निगरानी पर ध्यान दिया जाएगा। पहले चरण में देहरादून, हल्द्वानी, काशीपुर और पिथौरागढ़ में प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जाएंगे। जरूरत और स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर अल्मोड़ा व बड़कोट को भी केंद्रों में शामिल किया जा सकता है।
प्रशिक्षण में जूनियर टेक्नीशियन-इलेक्ट्रिक व्हीकल, ऑटो इलेक्ट्रिकल मेंटेनेंस, ऑटोमोबाइल रिपेयर एंड मेंटेनेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और प्लंबिंग जैसे ट्रेड शामिल हैं। प्रत्येक केंद्र पर स्थानीय उद्योगों की मांग के अनुसार कम से कम दो पाठ्यक्रम संचालित किए जाने प्रस्तावित हैं।
एम3एम फाउंडेशन की चेयरपर्सन एवं ट्रस्टी डॉ. पायल कनोडिया ने कहा कि साझेदारी का उद्देश्य युवाओं को रोजगारपरक कौशल देकर बेहतर आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है।
मौके पर उप निदेशक सेवायोजन चंद्रकांता, उप निदेशक (प्रशिक्षण) निरंजन खुगशाल, प्रधानाचार्य श्रेणी-1 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान निरंजनपुर दिनकर रौतेला, नोडल अधिकारी यूकेएडीएम विनीता बडोनी, एम3एम प्रतिनिधि अरविंद कुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।



