जब खेत बचेंगे, तो जमीन बचेगीः शिवराज सिंह
रुद्रपुर में ‘खेत बचाओ अभियान’ शुरू, ₹369.66 करोड़ की योजनाएं मंजूर

रुद्रपुर, 26 जून। गांधी मैदान में कृषि विभाग की ओर से आयोजित ’खेत बचाओ अभियान’ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर कुल ₹369.66 करोड़ की विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। इसमें ₹46.32 करोड़ की लागत के 9 विकास कार्यों का लोकार्पण और ₹323.34 करोड़ की लागत के 32 नए कार्यों का शिलान्यास शामिल है।
शुक्रवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, सूबे कृषि मंत्री गणेश जोशी और जनपद के प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्रा ने अभियान की शुरुआत की। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जब खेत बचेंगे तो जमीन बचेगी, जमीन बचेगी तो पृथ्वी बचेगी और पृथ्वी बचेगी तभी मानव जीवन सुरक्षित रहेगा।
उन्होंने किसानों से केवल उत्पादन बढ़ाने के बजाय धरती माता के स्वास्थ्य की रक्षा करने और संतुलित उर्वरकों का उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने घोषणा की कि उत्तराखंड जल्द ही देश का एक प्रमुख ’हॉर्टिकल्चर हब’ (बागवानी केंद्र) बनेगा।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने कई बड़ी स्वीकृतियां दी हैं। जिनमें मुक्तेश्वर में उच्च गुणवत्ता वाले सेब, अखरोट और बादाम के पौधों के उत्पादन के लिए ₹100 करोड़ की लागत से केंद्र की स्थापना, बड़ी नर्सरी के लिए ₹4 करोड़ और छोटी नर्सरी के लिए ₹2 करोड़ तक की आर्थिक मदद, अल्मोड़ा के चौबटिया में ₹15 करोड़ की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना, न्यूजीलैंड के सहयोग से कीवी उत्पादन के लिए ₹15 करोड़ की योजना और जंगली जानवरों से फसलों को बचाने के लिए फेंसिंग (घेरबाड़) के लिए ₹65 करोड़ के अलावा मौसम की सटीक जानकारी के लिए ₹104 करोड़ की लागत से ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन की स्थापना शामिल है।
स्वस्थ मिट्टी ही विकसित उत्तराखंड की नींवः धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “खेत बचाओ अभियान“ महज एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने का एक जनआंदोलन है। स्वस्थ किसान, स्वस्थ मिट्टी और सुदृढ़ कृषि व्यवस्था ही विकसित भारत की नींव हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड सरकार किसानों को ₹3 लाख तक का ब्याजमुक्त कृषि ऋण, नहरों से मुफ्त सिंचाई और फार्म मशीनरी बैंक के तहत कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत तक का भारी अनुदान दे रही है। साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों के लिए ’रेनफेड फार्मिंग परियोजना’ और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार देने के लिए पॉलीहाउस व कोल्ड स्टोरेज जैसी आधुनिक सुविधाएं तैयार की जा रही हैं।
वहीं, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए वन्यजीवों से सुरक्षा, जैविक खेती के लिए अतिरिक्त सहायता और स्थानीय अनाजों (मंडुवा व झंगोरा) के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने की मांग की।
यह रहे मौजूद
कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, विधायक शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, बंशीधर भगत, जिपं अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा, दीपक बाली, दर्जामंत्री अनिल कपूर डब्बू, हुकम सिंह कुंवर, रणजीत सिंह नामधारी, उत्तम दत्ता, कमल जिंदल, मनोज पाल, सचिव डॉ. एस.एन. पांडे, डीएम नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी अजय गणपति, सीडीओ दिवेश शासनी, एडीएम कौस्तुभ मिश्रा, पंकज उपाध्याय आदि मौजूद रहे।



