रांची में नेहा बोरा पर स्याही फेंकने की निंदा

देहरादून, 9 अगस्त। भारत छोड़ो आंदोलन की बरसी पर सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने दीनदयाल उपाध्याय पार्क में सभा की। वक्ताओं ने स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास को याद करते हुए मौजूदा राजनीतिक हालातों पर चिंता जताई। वहीं रांची में नेहा बोरा पर स्याही फेंकने की घटना की निंदा की। उन्होंने टिहरी के केतन लाल को न्याय दिलाने की मांग भी उठाई।
वरिष्ठ पत्रकार एवं एक्टिविस्ट राजीव नयन बहुगुणा ने कहा कि मौजूदा समय में सत्ता के बढ़ते प्रभाव के बीच आंदोलनकारी शक्तियों को सतर्क और एकजुट रहने की जरूरत है। उन्होंने युवाओं से आंदोलनों की लौ को आने वाले वर्षों तक जलाए रखने का आह्वान किया।
सर्वोदयी कार्यकर्ता भुवन पाठक ने आरोप लगाया कि सत्ता लैंड जेहाद, लव जेहाद और जनसांख्यिकीय बदलाव जैसे मुद्दों का कथित तौर पर राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने पौड़ी में 14 नाली भूमि की बिक्री का उल्लेख करते हुए भू-कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल उठाए।
सीपीआई (माले) नेता इंद्रेश मैखुरी ने पेपर लीक मामलों को लेकर भाजपा-आरएसएस पर आरोप लगाए और रांची की घटना को इसी राजनीतिक विरोध की कड़ी बताया। उत्तराखंड इंसानियत मंच के प्रो. एन. राघवेंद्र ने कहा कि सत्ता के विरोध में आवाज उठाना लोकतंत्र के लिए जरूरी है।
सभा में ईश्वर पाल शर्मा, कमलेश खंतवाल, त्रिलोचन भट्ट, अंकित उछोली आदि ने भी विचार रखे। मौके पर सीपीआई के डॉ. रवि चोपड़ा, धर्मानन्द लखेड़ा, एक्टिविस्ट राजू सिंह, स्वाति नेगी, नितिन काला, प्रदीप सती, धर्मेन्द्र जोशी आदि भी मौजूद रहे।



