
देहरादून, 17 जून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत निर्वाचन संबंधी कार्यों ने रफ्तार पकड़ ली है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने बताया कि अब तक 98 प्रतिशत गणना फार्म वितरित किए जा चुके हैं, जिनमें से 12 प्रतिशत फार्म का डिजिटाइजेशन भी पूरा हो चुका है।
सचिवालय में मीडिया से बातचीत करते हुए अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी जोगदण्डे ने बताया फॉर्म वितरण के मामले में चम्पावत, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, चमोली, पिथौरागढ़ और पौड़ी गढ़वाल में 99 प्रतिशत से अधिक काम हो चुका है। कम प्रगति वाले जिलों में देहरादून (95%), नैनीताल (96%) और टिहरी (97%) शामिल हैं। वहीं, फॉर्म को डिजिटल करने में अल्मोड़ा (33%) सबसे आगे है। इस अभियान को समय पर पूरा करने के लिए राजनीतिक दलों ने भी 22,900 बूथ लेवल एजेंट (ठस्।) तैनात कर दिए हैं।
उन्होंने बताया कि मतदाता अब ’ईसीआई नेट ऐप’ के जरिए ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। इसके अलावा, “बुक ए कॉल विद बीएलओ“ फीचर से सीधे अपने बीएलओ से संपर्क किया जा सकता है। मतदाताओं की सुविधा के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट https://ceo.uk.gov.in पर साल 2003 की वोटर लिस्ट भी उपलब्ध कराई गई है, जहां नाम, क्षेत्र या गली-मोहल्ले के आधार पर आसानी से बूथ संख्या खोजी जा सकती है।
पुनरीक्षण की महत्वपूर्ण तिथियां
• 7 जुलाईः गणना फार्म के वितरण और संकलन की आखिरी तारीख।
• 14 जुलाईः ड्राफ्ट रोल का प्रकाशन।
• 14 जुलाई से 13 अगस्तः दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि।
• 15 सितंबर: अंतिम मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन।



