उत्तराखंड जनभागीदारी से होगा प्लास्टिक मुक्तः धामी
सीएम ने विश्व बाघ दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

World Tiger Day : देहरादून, 29 जुलाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड को सिंगल-यूज़ प्लास्टिक मुक्त बनाने का लक्ष्य केवल सरकारी प्रयासों से हासिल नहीं किया जा सकता। इसके लिए जनभागीदारी, जन-जागरूकता और प्रत्येक नागरिक के सक्रिय सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से प्लास्टिक के विरुद्ध अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया।
विश्व बाघ दिवस के अवसर पर देहरादून में आयोजित राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला में मुख्यमंत्री ने “एकल उपयोग प्लास्टिक प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रवर्तन” विषय पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने बाघ संरक्षण पर आधारित चित्र और पोस्टकार्ड का विमोचन किया। साथ ही मानव-वन्यजीव संघर्ष में साहसिक कार्य करने और वन्यजीव संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाघ केवल एक वन्यजीव नहीं, बल्कि समृद्ध जैव विविधता और संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र का प्रतीक हैं। यदि जंगल सुरक्षित रहेंगे तो बाघ भी सुरक्षित रहेंगे और प्रकृति का संतुलन भी बना रहेगा। कहा कि सिंगल-यूज़ प्लास्टिक नदियों, जल स्रोतों, मिट्टी और वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। वन क्षेत्रों में छोड़ा गया प्लास्टिक अक्सर वन्यजीवों के भोजन में शामिल होकर उनके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार चारधाम यात्रा मार्गों और प्रमुख पर्यटन स्थलों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चला रही है। साथ ही प्लास्टिक अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन और रीसाइक्लिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने लोगों से कपड़े और जूट के थैलों सहित पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद अपनाने और श्रद्धालुओं, पर्यटकों, उद्योग जगत और युवाओं से इस अभियान को व्यापक जन-आंदोलन बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
कार्यक्रम में मेयर सौरभ थपलियाल, जिपं अध्यक्ष टिहरी इशिता सजवाण, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक हॉफ कपिल लाल, प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव नीना ग्रेवाल, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते आदि मौजूद रहे।



