
रुड़की, 28 जून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड का युवा प्रदेश और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का आधार है। आज भारत विश्व का सबसे युवा देश है। युवाओं की ऊर्जा, नवाचार और प्रतिभा ही विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति है।
रविवार को आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं को वोट बैंक नहीं, बल्कि विकसित भारत का सबसे सशक्त स्तंभ मानते हुए उनकी शिक्षा, कौशल, नवाचार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए अनेक ऐतिहासिक पहल की गई हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां युवाओं को पलायन न करना पड़े, बल्कि उन्हें अपने ही प्रदेश में रोजगार, उद्यम और नवाचार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हों। बताया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, युवा प्रोत्साहन योजना, दीनदयाल उपाध्याय योजना, एक जनपद-दो उत्पाद योजना और ’हाउस ऑफ हिमालयाज’ जैसे प्रयास स्थानीय उत्पादों और युवाओं को राष्ट्रीय एवं वैश्विक पहचान दिला रहे हैं। स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, कीवी मिशन, नई पर्यटन नीति, होम-स्टे, वेड इन उत्तराखण्ड और सौर स्वरोजगार जैसी पहलें भी रोजगार के नए अवसर सृजित कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्रभावी नीतियों के परिणामस्वरूप उत्तराखंड की बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में लागू देश के सबसे सख्त नकल विरोधी कानून के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। पिछले साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को निष्पक्ष व पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी सेवाओं में नियुक्ति मिली है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 20 मॉडल कॉलेजों की स्थापना, महिला छात्रावास, आधुनिक आईटी लैब, परीक्षा भवनों का निर्माण तथा उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ नए महाविद्यालयों की स्थापना की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं, जिससे रोजगार और निवेश के नए अवसर विकसित हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से संवाद के दौरान उनके प्रश्नों का स्पष्ट जवाब दिया। मौके पर कार्यक्रम आयोजक गौरव कौशिक, राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा, जिपंस अध्यक्ष किरण चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष मधु सिंह, महापौर अनीता अग्रवाल, श्यामवीर सैनी, आदेश सैनी, शोभाराम प्रजापति, राकेश गिरी, डीएम मयूर दीक्षित, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर, एडीएम जितेंद्र कुमार, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ, एसपी (देहात) शेखर सुयाल, एचआरडीए सचिव प्रत्यूष सिंह, एडीएम भगवानपुर देवेंद्र सिंह नेगी आदि मौजूद रहे।



