
ऋषिकेश, 03 जुलाई। मुनीश्वर वेदांग संस्कृत विद्यालय के नवीन छात्रों का उपनयन (यज्ञोपवीत) संस्कार शुक्रवार को शास्त्रोक्त विधि से सम्पन्न हुआ।
गंगा तट पर आचार्य जितेंद्र भट्ट और आचार्य सुरेश पंत द्वारा दशविधि स्नान के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ। जिसके बाद मायाकुंड स्थित शंकराचार्य स्वामी माधवाश्रम समाधि संस्थान, जनार्दन आश्रम दंडी बाड़ा में पंचांग पूजन और यज्ञ के साथ विधिवत संस्कार सम्पन्न कराया गया।
केशव स्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि शास्त्रों में त्रिवर्ण के बालकों के लिए उपनयन संस्कार अनिवार्य बताया गया है। कहा कि वेदों के अध्ययन और गायत्री उपासना के लिए यज्ञोपवीत संस्कार आवश्यक है। उन्होंने वैदिक बटुकों से सनातन धर्म और वैदिक संस्कृति के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार का आह्वान किया।
इस अवसर पर दंडी स्वामी विज्ञानानंद तीर्थ, प्रधानाचार्य डॉ. जनार्दन प्रसाद कैरवान, आचार्य राधाकृष्ण अमोला, शंकरमणि भट्ट, गंगाराम व्यास, मुकेश थपलियाल, आयुष गौड़, मोहित चमोली, शिवम भट्ट, सूरज बड़ोनी, संदीप उनियाल, चिंतामणि बड़ौनी, हरीश शर्मा, मोहनलाल उनियाल आदि मौजूद रहे।



