ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल कॉरिडोर के फ्रीज जोन में मिल सकती है राहत

देहरादून, 19 जुलाई। उत्तराखंड सरकार ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना (Rishikesh-Karnaprayag Rail Project) के तहत लागू 400 मीटर रेलवे फ्रीज जोन प्रतिबंधों की समीक्षा शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर आवास विभाग ने संबंधित जिलाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन स्थानों पर रेलवे ट्रैक और संबद्ध निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, वहां की वर्तमान स्थिति का तकनीकी मूल्यांकन किया जाए। रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा मानकों से समझौता किए बिना प्रतिबंधों में आंशिक शिथिलता पर निर्णय लिया जाएगा।
बता दें कि उत्तराखंड सरकार ने 9 जनवरी 2024 को रेलवे परियोजना की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए योगनगरी ऋषिकेश, शिवपुरी, व्यासी, श्रीनगर, धारी देवी, गौचर सहित विभिन्न क्षेत्रों में रेलवे कॉरिडोर से 400 मीटर तक निर्माण गतिविधियों पर रोक लगाई थी। इसका उद्देश्य सुरंगों और अन्य तकनीकी ढांचों को संभावित जोखिम से सुरक्षित रखना था।
सरकार का मानना है कि यदि तकनीकी परीक्षण के बाद प्रतिबंधों में राहत दी जाती है तो रेलवे कॉरिडोर के आसपास होटल, रिसॉर्ट, होमस्टे, आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा। इससे निजी निवेश आकर्षित होगा, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि सरकार रेलवे सुरक्षा और तकनीकी मानकों से कोई समझौता किए बिना स्थानीय नागरिकों, उद्यमियों और निवेशकों के लिए विकास के बेहतर अवसर सुनिश्चित करने के उद्देश्य से व्यावहारिक समाधान तैयार कर रही है।



