
विकासनगर, 13 सितम्बर। पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने जौनसार-बावर क्षेत्र में टोंस नदी के पूर्वी तट पर स्थित हनोल में दो दिवसीय पारंपरिक जांगड़ा (देवनायणी) मेले का विधिवत शुभारंभ किया। इससे पूर्व महाराज ने महासू देवता के मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज के प्रयासों से जहां जागड़ा पर्व को राजकीय मेला घोषित किया गया, वहीं बदरी-केदार की तर्ज पर मास्टर प्लान तैयार कर 120 करोड़ रुपये की लागत से मंदिर परिसर में विकास कार्य शुरू हो गए हैं।
बता दें कि हनोल के प्रसिद्ध महासू देवता मंदिर में हर साल सितंबर में पारंपरिक जागड़ा (जागरा) मेला आयोजित किया जाता है। यह जौनसार-बावर और आसपास के पहाड़ी इलाकों का एक बड़ा धार्मिक और सांस्कृतिक महापर्व है। मेले के पहले दिन ब्रह्म मुहूर्त में देवता को ’लूंग’ (हरियाली) चढ़ाई जाती है।
श्रद्धालु पूरी रात जागकर पारंपरिक देवगीतों और लोकनृत्यों के साथ महासू महाराज की आराधना करते हैं। इसमें उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश (शिमला, सिरमौर) और आसपास की घाटियों से हजारों की संख्या में दूर-दूर से लोग शामिल होने आते हैं।



