उत्तराखंडदेश

हमेशा याद किए जाएंगे जनरल खंडूड़ीः पीएम मोदी

• पूर्व सीएम जनरल खंडूड़ी के निधन पर देश से प्रदेश तक शोक

• पक्ष और विपक्ष से लेकर हर किसी ने जताया उनके निधन पर दुःख

देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (Bhuvan Chandra Khanduri) के अवसान से देश और प्रदेश में शोक की लहर है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्म से लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से पक्ष और विपक्ष के तमाम राजनेताओं ने उनके निधन पर अपने संदेशों में गहरा दुःख प्रकट किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्वीट में लिखा ”उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (सेवानिवृत्त) जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। सशस्त्र बलों से लेकर राजनीतिक जगत में उन्होंने बहुमूल्य योगदान दिया, जिसके लिए उन्हें सदैव याद किया जाएगा। उत्तराखंड के विकास के लिए वे हमेशा समर्पित रहे, जो मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में भी साफ तौर पर दिखा। केंद्रीय मंत्री के रूप में भी उनका कार्यकाल हर किसी को प्रेरित करने वाला है। देशभर में कनेक्टिविटी की बेहतरी के लिए उन्होंने निरंतर अथक प्रयास किए। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और समर्थकों के साथ हैं। ओम शांति!“

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) बीसी खंडूड़ी के निधन पर अपने शोक संदेश में कहा, ”खंडूड़ी जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। भारतीय सेना में उत्कृष्ट सेवा देने के बाद उन्होंने जन सेवा के लिए ईमानदारी, सादगी, पारदर्शिता और विकास की राजनीति का उदाहरण प्रस्तुत किया। देश तथा उत्तराखंड के विकास, सुशासन और जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सदैव स्मरणीय रहेगी। उन्होंने खंडूड़ी जी के शोकसंतप्त परिवारजनों और शुभचिंतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की है।“

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने जारी शोक संदेश में कहा, ”खंडूड़ी जी के निधन से देश ने एक विशिष्ट सैनिक, एक सक्षम प्रशासक और असाधारण सत्यनिष्ठा वाले राजनेता को खो दिया है।“

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (सेवानिवृत्त) के निधन पर कहा, ”खंडूड़ी जी ने भारतीय सेना में रहते हुए राष्ट्र सेवा, अनुशासन एवं समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। सार्वजनिक जीवन में भी उन्होंने उत्तराखण्ड के विकास, सुशासन, पारदर्शिता और ईमानदार कार्यशैली की मजबूत पहचान बनाई। उन्होंने प्रदेशहित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लेकर विकास को नई दिशा प्रदान की। कहा कि खंडूड़ी जी की सादगी, स्पष्टवादिता एवं कार्यकुशलता सदैव प्रेरणास्रोत रहेगी। उनका निधन उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान तथा शोक संतप्त परिजनों एवं समर्थकों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना है।“

कैबिनेअ मंत्री सतपाल महाराज ने अपने शोक संदेश में कहा, “खंडूरी जी एक अनुशासित सैनिक, कुशल प्रशासक और उत्तराखंड के विकास के प्रति समर्पित नेता थे। उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में पारदर्शी शासन और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर विशेष बल दिया। उनका निधन उत्तराखंड के लिए अपूरणीय क्षति है।“ उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवारजनों को दुख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति देने की ईश्वर से कामना की।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दिवंगत जनरल खंडूड़ी के आवास पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा, ”आदरणीय खंडूरी जी का निधन एक बहुत बड़ी क्षति है, एक अपूरणीय क्षति है। खंडूरी जी अपने तरीके के व्यक्तित्व थे। एक सैनिक के रूप में जितने शानदार रहे हैं, उतने ही वे व्यक्ति के रूप में भी शानदार थे और एक सांसद, केंद्रीय मंत्री एवं मुख्यमंत्री के रूप में भी उन्होंने अपने कर्तव्य का निर्वहन बहुत शान व गौरव के साथ किया। उनके हर कार्यकाल को किसी-न-किसी अच्छाई के लिए जाना जाएगा। वे अजातशत्रु व्यक्तित्व थे। आदरणीय खंडूरी जी के साथ मेरी कई यादें जुड़ी हुई हैं। सादगी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के प्रति उनका समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा। उत्तराखंड की राजनीति और सार्वजनिक जीवन में उनका योगदान अविस्मरणीय है।“

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी जनरल खंडूड़ी के आवास पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। गोदियाल ने कहा, ”उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री मेजर जनरल भुवनचंद्र खंडूरी जी का निधन उत्तराखंड ही नहीं, पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने सेना में रहकर देशसेवा की और राजनीति में रहते हुए जनहित व राज्यहित को हमेशा सर्वोपरि रखा। दलगत राजनीति से ऊपर उठकर लिए गए उनके फैसले आज भी प्रेरणा देते हैं। उत्तराखंड ने आज अपना एक सच्चा सपूत खो दिया। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवार को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।“

कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने कहा, ”पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखंड एवं वरिष्ठ राजनेता भुवन चंद खंडूरी जी के निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने अपने सरल व्यक्तित्व, ईमानदार कार्यशैली और जनसेवा के प्रति समर्पण से उत्तराखंड की राजनीति में अमिट छाप छोड़ी। उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। इस दुःख की घड़ी में माननीय विधानसभा अध्यक्ष ऋतू भूषण खंडूरी जी, मनीष खंडूरी एवं समस्त शोकाकुल परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ। ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं परिवार को यह अपार दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।“

बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी पूर्व सीएम मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी (सेनि) के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की। कहा, ”पूर्व मुख्यमंत्री के निधन की खबर से मन बहुत व्यथित है। उनमें एक जांबाज फौजी का कड़क अनुशासन और एक संवेदनशील राजनेता का दिल एक साथ धड़कता था। पारदर्शी शासन और बेदाग राजनीतिक विरासत हमेशा भाजपा का मार्गदर्शन करती रहेगी।“

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