आज शब्द साथ नहीं दे रहे हैं: ऋतु खंडूड़ी

देहरादून। उत्तराखंड की विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी ने अपने पिता और पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भूवन चंद्र खंडूड़ी के निधन पर बेहद भावुक संदेश लिखा, कहा कि आज शब्द भी उनका साथ नहीं दे रहे हैं।
स्पीकर खंडूड़ी ने लिखा, ”मैंने केवल अपने पिता को नहीं खोया, बल्कि अपने जीवन के सबसे बड़े संबल, मार्गदर्शक और उस व्यक्तित्व को विदा किया है जिसकी छाया में मैंने ईमानदारी, कर्तव्यपरायणता, अनुशासन और राष्ट्र सेवा तथा उत्तराखंड का अर्थ समझा।
वे मेरे पिता थे- कम बोलने वाले, लेकिन मूल्यों पर अडिग; कठोर दिखने वाले, लेकिन भीतर से अत्यंत संवेदनशील। उन्होंने हमें सिखाया कि जीवन में ईमानदारी सबसे बड़ी पूंजी है, और पद की गरिमा व्यक्ति के आचरण से बनती है। उनसे मैंने सीखा कि सार्वजनिक जीवन में निर्णय लोकप्रिय होने के लिए नहीं, सही होने के लिए लिए जाते हैं।
आज जब मैं पीछे मुड़कर देखती हूं, तो समझ पाती हूं कि राष्ट्र ने जिन उपलब्धियों और सेवाओं के लिए उन्हें सम्मान दिया, उनके पीछे एक ऐसा जीवन था जिसने व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं से अधिक कर्तव्य को चुना। परिवार ने भी उनका समय, उनकी उपस्थिति और जीवन के अनेक निजी क्षण राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित होते देखे, और यही त्याग हमारे लिए गर्व का आधार बना।
उनका जाना मेरे और हमारे पूरे परिवार के लिए एक ऐसी रिक्तता है जिसे कभी भरा नहीं जा सकेगा। फिर भी यह संतोष रहेगा कि उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन राष्ट्र और समाज के प्रति ईमानदार दायित्व निभाते हुए जिया। पिताजी, आपने हमें केवल जीवन नहीं दिया, जीवन जीने के मूल्य दिए। आपका अनुशासन, आपका साहस, आपकी सत्यनिष्ठा और आपकी सीख सदैव हमारा मार्गदर्शन करती रहेगी।“



