उत्तराखंड में बारहमासी पर्यटन पर हो रहा कामः महाराज

देहरादून, 27 सितम्बर। विश्व पर्यटन दिवस पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन के क्षेत्र में लगातार प्रगति हो रही है। संयुक्त राष्ट्र पर्यटन संगठन की इस वर्ष की थीम ‘डिजिटल एजेंडा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से पर्यटन का नव-निर्माण’ के अनुरूप प्रदेश में भी तकनीक आधारित पर्यटन सुविधाओं पर काम किया जा रहा है।
महाराज ने कहा कि राज्य में 6,000 से अधिक पंजीकृत होम स्टे संचालित हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े हैं। हाल ही में प्रदेश के 100 ट्रेकिंग मार्गों की जीपीएस और जीआईएस मैपिंग के लिए दल रवाना किए गए हैं। इनमें 50 मार्ग गढ़वाल और 50 कुमाऊं के हैं। मैपिंग के आधार पर मोबाइल ट्रेकिंग नेविगेशन ऐप और ‘द ट्रेक्स ऑफ उत्तराखंड’ कॉफी टेबल बुक तैयार की जाएगी।
उन्होंने कहा कि साहसिक पर्यटन भी प्रदेश की पहचान बन रहा है। 24 से 26 अक्टूबर तक प्रस्तावित आदि कैलाश परिक्रमा-2.0, आदि कैलाश परिक्रमा रन और नीति वैली अल्ट्रा जैसे आयोजन सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा दे रहे हैं। नवंबर 2026 में प्रस्तावित हिमालयन कार रैली भी इस दिशा में एक पहल होगी।
महाराज ने कहा कि सरकार उत्तराखंड को बारहमासी पर्यटन गंतव्य बनाने पर काम कर रही है। शीतकालीन चारधाम यात्रा, स्नो ट्रेकिंग, एस्ट्रो टूरिज्म और वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही शाक्त, शैव, वैष्णव सहित विभिन्न धार्मिक सर्किट विकसित कर उत्तराखंड को ‘भारत की आध्यात्मिक राजधानी’ के रूप में स्थापित करने का रोडमैप तैयार किया गया है।



