Uttarakhand: 2 जुलाई को 70 जगहों पर होगी आपदा मॉक ड्रिल
30 जून को टेबल टॉप एक्सरसाइज; सामुदायिक सहभागिता पर रहेगा जोर

देहरादून, 19 जून। मानसून सीजन में आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों को परखने और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय मजबूत करने के उद्देश्य से उत्तराखंड के सभी 13 जनपदों में 2 जुलाई को व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। मॉक ड्रिल राज्य के करीब 70 नए स्थानों पर संपन्न होगी।
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित ओरिएंटेशन एवं कोऑर्डिनेशन कॉन्फ्रेंस में मॉक ड्रिल की तैयारियों की समीक्षा की गई। सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री ने हाल ही में मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा बैठक में विभागों के बीच बेहतर समन्वय और आपदा प्रबंधन तंत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए थे।
उन्होंने बताया कि 30 जून को टेबल टॉप एक्सरसाइज आयोजित की जाएगी। जिसमें सभी जनपद अपनी तैयारियों, उपलब्ध संसाधनों, उनकी तैनाती और मॉक ड्रिल की कार्ययोजना का प्रस्तुतीकरण करेंगे। साथ ही विभिन्न आपदा प्रबंधन व आपातकालीन प्रतिक्रिया एजेंसियों द्वारा उपकरणों और संसाधनों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
मॉक ड्रिल के दौरान जलभराव, भूस्खलन, तटबंधों को खतरा, स्कूलों से बच्चों की सुरक्षित निकासी, कट-ऑफ क्षेत्रों तक राहत सामग्री पहुंचाने, हेली रेस्क्यू और जलविद्युत परियोजनाओं से पानी छोड़े जाने की स्थिति में अलर्ट जारी करने जैसे विभिन्न आपदा परिदृश्यों पर अभ्यास किया जाएगा। राहत शिविरों में बिजली, पानी, भोजन, प्राथमिक चिकित्सा, शिशु आहार तथा गर्भवती महिलाओं के लिए व्यवस्थाओं की भी वास्तविक समय में जांच की जाएगी।
इस दौरान संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो. ओबैदुल्लाह अंसारी, आरटीओ देहरादून डॉ. अनीता चमोला, अरुण कुमार पाण्डे, शांतनु सरकार आदि मौजूद थे।



