Uttarakhand: राज्य के विकास पर नीति आयोग के साथ मंथन
मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के साथ हुई अलग-अलग बैठकें

देहरादून, 08 जुलाई। नीति आयोग के सदस्य प्रो. (डॉ.) एम. श्रीनिवास के नेतृत्व में उत्तराखंड के दौरे पर आए प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के स्तर पर बैठकें आयोजित हुई। जिनमें राज्य की विकास प्राथमिकताओं, स्वास्थ्य सेवाओं, आर्थिक प्रगति और भविष्य की नीति संबंधी रणनीतियों पर मंथन हुआ।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासकीय आवास पर हुई बैठक में कहा कि प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों और तीर्थ व पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को देखते हुए नीति निर्माण और संसाधनों के आवंटन में फ्लोटिंग पॉपुलेशन को समुचित महत्व दिया जाना चाहिए।
उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं व स्वास्थ्य शिक्षा को सुदृढ़ बनाने, महिला सशक्तिकरण, कुपोषण और एनीमिया उन्मूलन, जल संरक्षण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया।
कृषि, बागवानी, पर्यटन, जल संसाधन, जैव विविधता और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में नीति आयोग व विषय विशेषज्ञों के सहयोग से नियमित सेमिनार आयोजित कर नवाचार आधारित नीतियां विकसित करने पर भी सहमति बनी।
उधर, सचिवालय में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की मौजूदगी में नीति आयोग के प्रतिनिधिमंडल के समक्ष प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम ने राज्य की प्रगति और सलाहकार व कार्यक्रम निदेशक डॉ. सोनिया पंत ने आर्थिक रूपरेखा और उपलब्धियों का प्रस्तुतिकरण दिया।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य गठन के बाद उत्तराखंड ने आर्थिक विकास, आधारभूत ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन सहित अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। एसडीजी इंडेक्स 2023-24 में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, कुपोषण उन्मूलन, टेलीमेडिसिन और स्वास्थ्य अनुसंधान के लिए नीति आयोग के तकनीकी सहयोग की आवश्यकता बताई।
नीति आयोग के सदस्य डॉ. एम. श्रीनिवास ने मातृ व नवजात मृत्यु दर, संस्थागत प्रसव, टीबी उपचार और प्राथमिक स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत करने पर बल दिया।
मौके पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, उपसचिव नीति आयोग दीपक कुमार, ओएसडी डॉ. शोभित कुमार आदि मौजूद रहे।



