वैदिक परंपरा के साथ खुले मदमहेश्वर धाम के कपाट

रुद्रप्रयाग। द्वितीय केदार मदमहेश्वर मंदिर के कपाट गुरुवार पूर्वाह्न 11.30 बजे कर्क लग्न में श्रद्धा, भक्ति उल्लास के साथ खोल दिए गए हैं। कपाटोत्सव के लिए मंदिर को फूलों से सजाया गया। पहले दिन सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान मदमहेश्वर के दर्शन का पुण्य अर्जित किया।
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि भगवान मदमहेश्वर का आशीर्वाद सभी भक्तों पर बना रहे। मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि मदमहेश्वर यात्रा के लिए मंदिर समिति के स्तर पर व्यापक तैयारियां की गई हैं।
मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह डोली गुरुवार को गौंडार से धाम में पहुंची। जिसके बाद मंदिर के कपाट दर्शनार्थियों के लिए खोले गए। ओंकारेश्वर मंदिर प्रभारी बिजेंद्र बिष्ट ने बताया कि आज 1135 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
इस अवसर पर रावल भीमाशंकर लिंग, पुजारी शिवशंकर लिंग, प्रह्लाद पुष्पवान, दिनेश कानोड़िया, किशन त्रिवेदी, विशेश्वर भट्ट, दिनेश पंवार, गणेश सेमवाल, प्रकाश पंवा आदि मौजूद रहे।



