
चंपावत। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की पहल पर जिला मुख्यालय में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को जनपद स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने और अधिकारियों को इसके विभिन्न पहलुओं से अवगत कराना था।
डीएम कार्यालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश सिंह चौहान ने की। एबीडीएम प्रबंधक प्रज्ञा पालीवाल ने मिशन के प्रमुख घटकों की जानकारी साझा की। प्रतिभागियों को आभा आईडी, हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (एचएफआर), हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री (एचपीआर), स्कैन एंड शेयर और कंसेंट मैनेजर जैसे महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी दी गई।
सीएमओ डॉ. देवेश सिंह चौहान ने बताया कि चंपावत जनपद को एबीडीएम के तहत मॉडल जनपद के रूप में नामित किया गया है। उन्होंने सभी स्वास्थ्य संस्थानों के एचएफआर पंजीकरण, चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों के एचपीआर पंजीकरण व एबीडीएम अनुकूल स्वास्थ्य प्रबंधन प्रणाली को प्राथमिकता से लागू करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि आभा आईडी निर्माण, डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड लिंकिंग और स्कैन एंड शेयर सुविधा को बढ़ावा देकर मरीजों को ओपीडी में लंबी कतारों से राहत और पेपरलेस उपचार जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
एबीडीएम टीम में अमृत पोखरियाल, अंकुर यादव, हार्दिक उपाध्याय शामिल थे। कार्यशाला में सीएमएस हीरा सिंह ह्यांकि, एसीएमओ डॉ. बलबीर सिंह, डॉ. गौरांग जोशी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक गौरव पांडेय आदि मौजूद रहे।



