दुनियाहादसा

नेपालः भोटेकोशी की बाढ़ में 22 की मौत, 384 लापता; 105 भारतीय शामिल

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बालेंद्र शाह से की बात, सहायता का दिया आश्वासन

काठमांडू, 26 अगस्त। नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ ने नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में भारी तबाही मचा दी। ताजा रिपोर्टों के अनुसार कम से कम 22 लोगों की मौत हो चुकी है और 88 लोगों को बचाया गया है, जबकि नेपाल पर्यटन बोर्ड की प्रारंभिक सूची के अनुसार 384 यात्री अब भी लापता या संपर्क से बाहर हैं। इनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। विदेशी नागरिकों में 105 भारतीय पर्यटक और 37 एनआरआई भी हैं।

बाढ़ बुधवार सुबह करीब 8:30 से 9 बजे के बीच अचानक आई। रसुवा के तिमुरे, स्याफ्रुबेसी और आसपास के इलाकों में पानी और मलबे के तेज बहाव ने मकानों, वाहनों, दुकानों, पुलों और सड़क संपर्क को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। नुवाकोट और अन्य डाउनस्ट्रीम इलाकों में भी व्यापक नुकसान की खबर है। नेपाल सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल ने बड़े पैमाने पर खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया है। खराब मौसम और क्षतिग्रस्त संचार व सड़क नेटवर्क के कारण राहत कार्य प्रभावित हो रहा है।

अचानक आई बाढ़, कारण की जांच
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक घटना के समय रसुवा में बारिश नहीं हो रही थी। प्रारंभिक वैज्ञानिक आकलन में ल्हेन्दे खोला नदी में हिमस्खलन और चट्टान के खिसकने से अस्थायी अवरोध बनने और उसके बाद पानी अचानक टूटने की आशंका जताई गई है। तिब्बत क्षेत्र में दर्ज 4.4 तीव्रता के भूकंप की संभावित भूमिका की भी जांच हो रही है। हालांकि बाढ़ का अंतिम कारण अभी आधिकारिक रूप से तय नहीं हुआ है। 


ऊपरी क्षेत्र में संभावित जल-अवरोध को देखते हुए दूसरी अचानक बाढ़ का खतरा भी बना हुआ है। नेपाल प्रशासन ने रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन में नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। भारत के बिहार और उत्तर प्रदेश में भी डाउनस्ट्रीम बाढ़ की निगरानी बढ़ाई गई है।

भारतीय नागरिकों के लिए हेल्पलाइन
नेपाल पर्यटन बोर्ड ने प्रभावित यात्रियों और उनके परिजनों के लिए टोल-फ्री नंबर 1234, हॉटलाइन 1144 और टूरिस्ट पुलिस 9851289445 जारी किया है। भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 आपातकालीन नंबर जारी किए हैं।

पीएम मोदी ने बालेंद्र शाह से की बात
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात कर घटना पर शोक जताया और नेपाल को हरसंभव मानवीय सहायता का आश्वासन दिया है। चीन ने भी सीमा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बचाव दल तैनात किए हैं।

– (यह जानकारी विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। घटना से संबंधित आंकड़ों में फेरबदल होने की संभावनाएं हैं।)

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button