
रुड़की, 26 जून। संत निरंकारी मिशन के तत्वावधान में जोन स्तरीय ’संत निरंकारी बाल समागम’ आयोजित किया गया। समागम में मसूरी जोन की 63 शाखाओं के बच्चों, अभिभावकों और श्रद्धालुओं ने प्रतिभाग किया।
समागम में दिल्ली से आईं ज्ञान प्रचारक डॉ. ज्ञानमनी सक्सेना ने कहा कि आध्यात्मिक शिक्षा बच्चों के चरित्र निर्माण की मजबूत नींव रखती है। यह शिक्षा उन्हें जीवन में सही दिशा और सकारात्मक सोच प्रदान करती है।
कार्यक्रम के दौरान बाल संतों ने भजन, कविताएं, प्रेरणादायी विचार और लघु नाटकों का शानदार प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने जोर दिया कि ऐसे आयोजन बच्चों को संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करते हैं।
समापन पर ब्रांच मुखी सागर कुकरेजा ने सभी का आभार जताया। कहा कि आयोजन समाज में आध्यात्मिक जागरूकता और भाईचारे का संदेश फैलाने में बेहद सफल रहा।



