केंद्र पोषित योजनाओं की समीक्षा, त्रैमासिक लक्ष्य हुए तय

देहरादून, 19 जून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत संचालित केंद्र पोषित योजनाओं, वाह्य सहायतित परियोजनाओं, नाबार्ड और स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट (एसएएससीआई) योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने विभागों को अपने त्रैमासिक लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें शीघ्र आईएफएमएस पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव ने वित्त विभाग को निर्देशित किया कि नाबार्ड के अंतर्गत पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य आजीविका आधारित विभागों के बजट पर कोई सीलिंग न लगाई जाए। उन्होंने इन योजनाओं का अधिकतम उपयोग वाइब्रेंट विलेज क्षेत्रों में कर रोजगार सृजन बढ़ाने पर बल दिया।
उन्होंने नियोजन एवं वित्त विभाग को विभिन्न विभागों के समन्वय से 2,000 से 3,000 करोड़ रुपये के प्रस्ताव तैयार रखने के निर्देश दिए। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र की आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए नाबार्ड के ग्रामीण अवसंरचना विकास कोष (आरआईडीएफ) का प्रभावी उपयोग करने को कहा।
मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग को सौंग और जमरानी बांध परियोजनाओं की वित्तीय समयरेखा तैयार कर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम कुसुम योजना का लाभ अधिक किसानों तक पहुंचाने और चारधाम यात्रा मार्गों सहित प्रमुख सड़कों पर ईवी चार्जिंग स्टेशनों का व्यापक नेटवर्क विकसित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने चार्जिंग स्टेशनों की जानकारी गूगल मैप पर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, पीसीसीएफ कपिल लाल, सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. वी. षणमुगम, डॉ. आर. राजेश कुमार, सी. रविशंकर, युगल किशोर पंत, डॉ. एसएन पाण्डेय आदि मौजूद रहे।



