देहरादून

दलहन के किसानों को बेहतर बाजार देने की तैयारी

देहरादून, 18 सितम्बर। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में केंद्र सरकार की दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता से संबंधित परियोजना की समीक्षा हुई। बैठक में प्रदेश में दलहन उत्पादन बढ़ाने, उत्पादकता और गुणवत्ता में सुधार व किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की कार्ययोजना पर चर्चा की गई।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रदेश में उत्पादित दलहन की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर नैफेड और एनसीडीसी के माध्यम से खरीद के लिए प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजकर उसका अनुमोदन प्राप्त किया जाए।

उन्होंने किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को बढ़ावा देने के लिए विशेष सेल गठित करने और इसके लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए। कहा कि संगठित किसान समूहों के माध्यम से उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा दिया जा सकता है।

मुख्य सचिव ने दलहन की उत्पादकता बढ़ाकर 12 कुंतल प्रति हेक्टेयर तक ले जाने पर जोर दिया। इसके लिए उन्नत बीज, बेहतर कृषि तकनीक, फसल प्रदर्शन और किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने दलहन की गुणवत्ता सुधारने के लिए भी प्रभावी कदम उठाने को कहा।

अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार की परियोजना वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक संचालित होगी। इसके तहत प्रदेश की कार्ययोजना केंद्र सरकार को भेजी जा चुकी है। उड़द, अरहर और मसूर को प्रमुख फसलों के रूप में चयनित किया गया है।

परियोजना के तहत बीज उत्पादन, फसल प्रदर्शन और उन्नत कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के साथ दलहन प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना पर भी काम किया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन और किसानों को बेहतर आय के अवसर मिलेंगे।

बैठक में अपर सचिव मेहरबान सिंह बिष्ट, महानिदेशक कृषि एवं उद्यान आनंद श्रीवास्तव, विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के निदेशक लक्ष्मीकांत, पंतनगर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एसके कश्यप आदि अधिकारी मौजूद रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button