जन शिकायतों के समाधान में लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही
मुख्यमंत्री ने सचिवालय में सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा की

देहरादून, 14 सितम्बर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में सीएम हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को जन शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। कहा कि शिकायत को पोर्टल पर बंद करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में किसी विशेष प्रकृति की शिकायतें अधिक आ रही हैं, जिलाधिकारी उनकी विभागवार समीक्षा कर समाधान सुनिश्चित करें। एक ही तरह की शिकायतें बार-बार आने के कारणों का विश्लेषण कर स्थायी समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाए।
उन्होंने जिलाधिकारियों को तहसीलों का औचक निरीक्षण करने और दाखिल-खारिज के मामलों का निर्धारित समयसीमा में निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। भूमि धोखाधड़ी से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देने के साथ राजस्व संबंधी सेवाएं समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने स्वच्छ पेयजल को प्राथमिकता देते हुए पाइपलाइन और सीवर लाइनों का 15 दिन के भीतर ऑडिट कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। पेयजल आपूर्ति में व्यवधान और लीकेज की शिकायतों का भी समयबद्ध समाधान करने के निर्देश दिए।
उन्होंने 30 दिन से अधिक लंबित शिकायतों की नियमित समीक्षा करने और 180 दिन से अधिक पुराने मामलों के निस्तारण के लिए विशेष निगरानी के निर्देश दिए। अनावश्यक रूप से शिकायतों को ‘स्पेशल क्लोज’ या ‘फोर्स क्लोज’ नहीं करने और शिकायतकर्ता की संतुष्टि को निस्तारण का आधार बनाने को कहा।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ताओं से फोन पर बातचीत कर स्थिति जानी। संजय कुमार रावत की चिकित्सा प्रतिपूर्ति से जुड़ी लंबित शिकायत पर उन्होंने तत्काल भुगतान के निर्देश दिए। पौड़ी की बेबी कोटनाला की परित्यक्ता पेंशन, हरिद्वार की गीता की पेयजल समस्या और अन्य मामलों पर भी अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
देहरादून की शिल्पी सक्सेना ने स्ट्रीट लाइट की शिकायत के समाधान पर संतोष जताया। वहीं, अल्मोड़ा के आयुष बिष्ट ने छात्रवृत्ति संबंधी शिकायत के निस्तारण की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने छात्रवृत्ति में देरी के कारणों की जांच कर विद्यार्थियों को योजनाओं का लाभ समय पर दिलाने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, एल. फैनई, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख वन संरक्षक हॉफ कपिल लाल आदि मौजूद रहे।



