विशिष्ट पहचान बना रही है आदि कैलाश परिक्रमाः महाराज
पर्यटन मंत्री ने अहमदाबाद में आयोजित ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर किया प्रतिभाग

देहरादून/अहमदाबाद। उत्तराखंड साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभर रहा है। 20 से 25 अक्टूबर तक पिथौरागढ़ में प्रस्तावित आदि कैलाश परिक्रमा अल्ट्रा रन विश्व के कठिनतम उच्च हिमालयी आयोजनों में अपनी विशिष्ट पहचान बना रही है।
यह बात प्रदेश के सूबे के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने गुरुवार को अहमदाबाद स्थित महात्मा मंदिर, कन्वेंशन एंड एग्जिविशन सेन्टर में ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर (टीटीएफ) के दौरान कही। कहा कि उत्तराखंड केवल एक राज्य ही नहीं, बल्कि आस्था, अध्यात्म, प्रकृति, संस्कृति और रोमांच का अद्भुत संगम है।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड की पहचान केवल चारधाम यात्रा तक सीमित न रहे, बल्कि इसे एक समग्र पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जाए। इसी दिशा में हम आध्यात्मिक पर्यटन, साहसिक पर्यटन, वेलनेस व योग पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन, इको-टूरिज्म, होमस्टे पर्यटन और सीमा पर्यटन को नई गति प्रदान कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड के सीमांत गांवों को पर्यटन और आजीविका के नए अवसरों से जोड़ा जा रहा है। हमारा उद्देश्य है कि पर्यटन का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और स्थानीय समुदाय पर्यटन विकास के साझेदार बनें।
महाराज ने कहा कि उत्तराखंड में होम स्टे क्रांति ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान की है। लाखों पर्यटक स्थानीय परिवारों के साथ उत्तराखंड की संस्कृति, परंपराओं और आतिथ्य का अनुभव कर रहे हैं। इससे स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं।
महाराज ने ट्रैवल ऑपरेटर्स, टूर एजेंसियों, निवेशकों और मीडिया प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे उत्तराखंड को केवल एक पर्यटन स्थल के रूप में नहीं, बल्कि एक सम्पूर्ण हिमालयी अनुभव के रूप में सैलानियों तक पहुंचाएं।
इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, गोवा के पर्यटन मंत्री रोहन खाउंटे समेत विभिन्न प्रदेशों के पर्यटन अधिकारी मौजूद रहे।



