क्यों बोले ’हरदा’, उस कान को ढूंढ रहा हूं…

देहरादून, 22 अगस्त। राजनीति से संन्यास लेने की वायरल खबर पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने तीखा व्यंग्य कसा है। कहा कि उनके संन्यास की खबर को सुनियोजित तरीके से देश-दुनिया की मीडिया तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। चुटकी ली, “मैं अब उस कान को ढूंढ रहा हूं, जिस कान पर मैंने संन्यास लेने की घोषणा की।”
हरदा ने कहा कि कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि उन्हें साइडलाइन कर दिया गया है, कुछ उनके संन्यास की घोषणा की बात कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल उनका शरीर कुछ सीमित है, लेकिन वह कांग्रेस और उत्तराखंड के हित में अपने मस्तिष्क का उपयोग कर रहे हैं।
कांग्रेस से अपने लंबे जुड़ाव का जिक्र करते हुए रावत ने कहा कि वह कांग्रेस सदस्य के रूप में 60वें वर्ष में प्रवेश करने जा रहे हैं। यदि कभी संन्यास लेने या कोई बड़ा राजनीतिक फैसला करने की स्थिति आएगी तो वह किसी के कान में घोषणा नहीं करेंगे। लोगों से परामर्श करेंगे, सबको जानकारी देंगे और समारोहपूर्वक घोषणा करेंगे।
हरीश रावत ने कहा कि उनकी जिंदगी हमेशा खुली किताब रही है, वह कानाफूसी के जरिए अपनी राजनीति नहीं चलाते। कहा कि कानाफूसी, दुष्प्रचार और लोगों को लड़ाने की कोशिश कुछ लोगों का पेशा हो सकता है, जबकि उनका लक्ष्य हमेशा लोगों को जोड़ना रहा है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में लंबे समय से रहने का लाभ उठाकर कुछ “परम मित्रगण” दुष्प्रचार करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मीडिया, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम लोगों से ऐसे लोगों से सावधान रहने की अपील की। कहा कि वह पूरी तरह स्वस्थ होने के प्रयास में लगे हैं, ताकि आगे किसी मेडिकल समस्या के कारण उनके काम प्रभावित न हों।



