
देहरादून, 05 अक्टूबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आयुष विभाग के 271 और कर्मचारी राज्य बीमा योजना के 61 एलोपैथिक फार्मेसी अधिकारियों समेत 332 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। उन्होंने सभी कार्मिकों से सेवाभाव, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ दायित्वों के निर्वहन का आह्वान किया।
सोमवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी सेवा को केवल नौकरी न मानकर समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनाया जाना चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्मिकों की भूमिका सीधे लोगों के जीवन से जुड़ी है।
धामी ने कहा कि प्रदेश में भर्ती व्यवस्था को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए सरकार ने नकल माफिया पर कार्रवाई के साथ सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को मॉडल ‘आयुष प्रदेश’ और ‘ग्लोबल वेलनेस हब’ बनाने पर काम हो रहा है। जनपदों में आयुष सेवाओं का विस्तार, पंचकर्म सेवाओं का आधुनिकीकरण और आयुर्वेद उत्कर्ष केंद्रों की स्थापना की जा रही है। ई-संजीवनी से विशेषज्ञ परामर्श और आयुष सेतु पोर्टल से भी लोगों को लाभ मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि कर्मचारी राज्य बीमा योजना अब प्रदेश भी में संचालित है। रुद्रपुर में 100 बेड के ईएसआई अस्पताल शुरू हो चुका है। हरिद्वार में 300 बेड के अस्पताल का निर्माण जारी है। काशीपुर में अस्पताल के लिए भूमि चिन्हित की गई है।
इस अवसर पर आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि राज्य सरकार आयुष सेवाओं को और अधिक जनसुलभ बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
मौके पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, सचिव श्रम श्रीधर बाबू अद्दांकी, आयुष एवं आयुष शिक्षा रंजना राजगुरू, अपर सचिव विजय कुमार जोगदण्डे, आकांक्षा कोण्डे आदि मौजूद रहे।



