जीवन में शिक्षा से खुलते हैं नए अवसरः धामी
पूर्ण साक्षर राज्य के उपलक्ष में नवसाक्षर हुए सम्मानित

देहरादून, 06 अक्टूबर। उत्तराखंड के देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य बनने के उपलक्ष में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले नव-साक्षरों को सम्मानित किया।
शासकीय कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पूर्ण साक्षरता का लक्ष्य शिक्षकों, विद्यार्थियों, नवसाक्षरों, स्वयंसेवकों और अभियान से जुड़े लोगों के सामूहिक प्रयास से हासिल हुआ है। विषम भौगोलिक परिस्थितियों और दूरस्थ क्षेत्रों वाले राज्य में यह उपलब्धि प्रदेशवासियों की दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड ने यह उपलब्धि हासिल की है। मिजोरम, गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम के बाद उत्तराखंड देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य बना है।
धामी ने कहा कि साक्षरता अब केवल पढ़ने-लिखने और हस्ताक्षर करने तक सीमित नहीं है। अधिकारों एवं कर्तव्यों की समझ के साथ डिजिटल और वित्तीय साक्षरता और जीवनोपयोगी कौशल भी जरूरी हैं। कहा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती और शिक्षा व्यक्ति के जीवन में नए अवसरों के द्वार खोलती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में नंदा गौरा योजना, मुख्यमंत्री बालाश्रय योजना, 189 अटल उत्कृष्ट विद्यालय और 500 स्कूलों में वर्चुअल क्लासरूम जैसी पहलें संचालित हैं। साथ ही 200 विद्यालयों में आधुनिक प्रयोगशालाएं विकसित की जा रही हैं। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने भी इस उपलब्धि को महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम में विधायक सविता कपूर, अपर सचिव भारत सरकार अर्चना शर्मा अवस्थी, सचिव शिक्षा ज्योति यादव, अपर सचिव नमामि बंसल आदि मौजूद रहे।



