
ऋषिकेश, 19 जुलाई। संत निरंकारी मिशन की ओर से अंग्रेजी माध्यम युवा जोनल स्तरीय संत समागम आयोजित किया गया। शाहाबाद से आए संत पीपी सिंह ने सत्गुरु माता सुदीक्षा का संदेश श्रद्धालुओं तक पहुंचाया।
संत पीपी सिंह ने कहा कि मनुष्य की वास्तविक पहचान शरीर नहीं, बल्कि आत्मा है और आत्मबोध के माध्यम से ही परमात्मा का साक्षात्कार संभव है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे भौतिक उपलब्धियों के साथ आध्यात्मिक मूल्यों को भी अपनाएं।
जोनल इंचार्ज हरभजन सिंह के मार्गदर्शन में ऋषिकेश, हरिद्वार, देहरादून, रुड़की, कोटद्वार, विकासनगर, चंबा, नई टिहरी, मसूरी आदि क्षेत्रों से युवाओं और श्रद्धालुओं ने समागम में प्रतिभाग किया।
समागम का समापन विश्व शांति, मानव एकता और समस्त मानव जाति के कल्याण की प्रार्थना के साथ हुआ। संचालन सुदीक्षा चौहान और विकास आर्य ने किया।



