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अंकिता भंडारी मामले में सीबीआई जांच तेज करने की मांग

देहरादून, 18 जुलाई। अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने में देरी पर सामाजिक संगठनों ने नाराजगी जताई है। चेताया कि सीबीआई जांच में तेजी नहीं लाई गई और हाईकोर्ट में दोषियों की जमानत का प्रभावी विरोध नहीं किया गया, तो प्रदेश में आंदोलन तेज किया जाएगा। अंकिता न्याय यात्रा संघर्ष मंच ने सरकार से मामले में मजबूत पैरवी की मांग की है।

शनिवार को अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता में निर्मला बिष्ट ने बताया कि 20 जुलाई को मामले की सुनवाई प्रस्तावित है, जिसमें तीनों दोषियों ने सजा में कमी और जमानत की मांग की है। कहा कि सीबीआई जांच की धीमी प्रगति भी गंभीर चिंता का विषय है।

सुजाता पॉल ने कहा कि जिन लोगों के नाम कथित वीआईपी एंगल में सामने आए हैं, उनसे अब तक पूछताछ नहीं की गई। उन्होंने बुलडोजर चलाकर साक्ष्य नष्ट किए जाने के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग भी की।

मोहित डिमरी ने कहा कि सीबीआई को जांच की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए। उमा भट्ट ने चेताया कि कथित वीआईपी एंगल पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

हरिओम पाली ने कहा कि सरकार को पूरी पारदर्शिता के साथ न्याय सुनिश्चित करना चाहिए। विमला कोहली ने कहा कि अंकिता भंडारी के परिवार को न्याय दिलाना पूरे समाज की जिम्मेदारी है।

मौके पर त्रिलोचन भट्ट, मनीष केड़ियाल, एन. राघवेंद्र समेत मंच के सदस्य और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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