Dehradun: हरेला पर जिले में 15.50 लाख पौधे रोपने का लक्ष्य
डीएम ने विभागीय अधिकारियों से तैयारियों पर की चर्चा, दिए जरूरी निर्देश

देहरादून, 30 जून। उत्तराखंड राज्य के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष में प्रकृति से जुड़े लोक पर्व इसवर्ष ‘हरेला’ को इसबार खास अंदाज में मनाया जाएगा। 16 जुलाई से आरंभ हो रहे एक माह के पर्व के दौरान वन विभाग ने जनपद में 15.50 लाख पौधे रोपने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में हरेला पर्व पर विशेष प्रजातियों के पौधे लगाकर ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने का संकल्प जताया गया। डीएम ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष महाअभियान केवल रस्म अदायगी नहीं, बल्कि धरती को हरा-भरा बनाने का एक जन-आंदोलन बनेगा।
माइक्रो लेवल पर होगी तैयारी, जुड़ेंगे नामचीन संस्थान
डीएम ने सरकारी विभागों को निर्देश दिए कि वे रोपण साइट्स चुन लें। इसके लिए प्रत्येक विभाग में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। जो ‘माइक्रो लेवल प्रबंधन’ के तहत कार्ययोजना तैयार करेगा। अभियान में जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिला समूहों और स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। वहीं प्रतिष्ठित संस्थान आईएमए, सर्वे ऑफ इंडिया, ओएनजीसी और आईटीबीपी को भी इससे जोड़ा जाएगा।
’हरित कंट्रोल रूम’ होगा स्थापित
अभियान की सफलता केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहे, इसके लिए एक अनूठी पहल की जा रही है। महीने भर चलने वाले इस रोपण अभियान की नियमित और कड़े स्तर पर मॉनिटरिंग करने के लिए एक विशेष ‘हरित कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा।
5 साल तक होगी पौधों की देखभाल
प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि इस वर्ष जिले में 15.50 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य तय है। पौधों में 50 प्रतिशत फलदार और चारा प्रजाति के पौधे होंगे। जिनकी अगले 5 वर्षों तक सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाएगा।
10 जुलाई तक पूरी करनी होंगी तैयारियां
सभी रेखीय विभागों को 10 जुलाई तक गड्ढों की खुदाई, जैविक खाद, ट्री-गार्ड और पौधों के परिवहन की व्यवस्थाएं पूरी करने को कहा गया है। वन विभाग के चार प्रभागों मसूरी, कालसी, चकराता और देहरादून से सभी विभागों को पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे।
यह रहे बैठक में मौजूद
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, प्रभागीय वनाधिकारी नीरज कुमार शर्मा, वैभव सिंह, मयंक कुमार, एसडीओ अभिषेक मैठाणी समेत कृषि, उद्यान, उद्योग, शिक्षा, खेल, पेयजल, सड़क विभाग आदि के अधिकारी मौजूद रहे।



