Dehradun: ग्रामीण महिलाओं की दिवाली, लाखों का कारोबार

देहरादून, 04 नवम्बर। दीपावली पर ग्रामीण महिलाएं स्वदेशी उत्पादों के जरिए आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं। स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं कहीं मिलेट्स से आकर्षक गिफ्ट हैंपर तैयार कर रही हैं, तो कहीं स्वदेशी हिलान्स एलईडी लड़ियों का निर्माण कर रही हैं। दोनों क्लस्टर की महिलाओं ने इस दीपावली लाखों रुपये का कारोबार कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है।
विकासनगर के सोरना डोभरी स्थित स्वाभिमान महिला क्लस्टर की महिलाएं मंडुआ, रागी और अन्य मिलेट्स से कुकीज, बिस्किट, चॉकलेट और केक तैयार कर आकर्षक गिफ्ट हैंपर बना रही हैं। इनकी मांग देहरादून के अलावा उत्तरकाशी और टिहरी तक है।
क्लस्टर की सदस्य कल्पना बिष्ट के अनुसार उनकी बेकरी यूनिट ने अब तक 2,000 से अधिक गिफ्ट हैंपर बेचकर 18 लाख रुपये से ज्यादा की आय अर्जित की है। यूनिट से आठ अन्य महिलाओं को भी रोजगार मिल रहा है।
वहीं, रायपुर विकासखंड के सोडा सरोली ग्रोथ सेंटर में दिव्य ज्योति क्लस्टर की करीब 350 महिलाएं स्वदेशी हिलान्स एलईडी लड़ियां तैयार कर रही हैं। मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के तहत क्लस्टर को 1.30 लाख लड़ियों का ऑर्डर मिला है। अध्यक्ष ममता कोठियाल ने बताया कि अब तक 1.05 लाख लड़ियों की आपूर्ति की जा चुकी है। प्रति पैकेट 120 रुपये की बिक्री पर 70 से 80 रुपये लागत आती है।
सहायक परियोजना निदेशक अनीता पंवार ने कहा कि स्थानीय उत्पादों की बढ़ती मांग से महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल रहे हैं। ये पहल प्रधानमंत्री के ’वोकल फॉर लोकल’ अभियान को भी मजबूती दे रही हैं।



