नागरिक सहभागिता से बनेंगे शहर स्मार्टः पासवान

ऋषिकेश, 21 अगस्त। स्मार्ट शहरों का निर्माण केवल आधुनिक तकनीक और अत्याधुनिक सुविधाओं से नहीं, बल्कि नागरिक सहभागिता, पर्यावरण संरक्षण और बेहतर सुशासन के समन्वय से संभव है। यह बात ऋषिकेश के महापौर शंभू पासवान ने “तृतीय अंतरराष्ट्रीय स्मार्ट एवं भविष्य के शहर सम्मेलन-2026” में कही।
ग्लोबल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा ग्राफिक एरा डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी देहरादून के ज्ञान साझेदारी सहयोग से ‘विकसित होता उत्तराखंड-उभरता भारत’ की थीम पर सम्मेलन आयोजित किया गया। जिसमें 18 देशों के प्रतिनिधियों, नीति विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और उद्योग जगत से जुड़े विशेषज्ञों ने स्मार्ट शहरों, सतत शहरीकरण, तकनीकी नवाचार और भविष्य की शहरी चुनौतियों पर विचार साझा किए।
मेयर पासवान ने कहा कि शहर को स्मार्ट और सशक्त बनाने में नागरिकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, यातायात अनुशासन, सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा और शहर के विकास में सामूहिक भागीदारी से ही आधुनिक, स्वच्छ और सुरक्षित शहर की परिकल्पना साकार हो सकती है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है, ऐसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन राज्य को वैश्विक विशेषज्ञों, निवेशकों और तकनीकी संस्थाओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। स्मार्ट सिटी की अवधारणा को केवल तकनीकी विकास तक सीमित न रखकर मानव-केंद्रित और पर्यावरण-अनुकूल बनाया जाना चाहिए।
पासवान ने कहा कि भविष्य में शहरों की सफलता का आकलन केवल भौतिक विकास से नहीं, बल्कि नागरिकों को मिलने वाली सुविधाओं, पर्यावरणीय संतुलन, सुशासन और जीवन की गुणवत्ता से होगा। इसके लिए आधुनिक तकनीक के साथ स्थानीय जरूरतों और जनभागीदारी का समन्वय जरूरी है।
सम्मेलन में भारत में इक्वाडोर दूतावास के उप मिशन प्रमुख हेनरी लारेया, ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. नरपिंदर सिंह, आईआईएम लखनऊ के प्रो. डॉ. एस. वेंकट, संयोजक प्रो. डॉ. अजय कुमार पांडे समेत देश-विदेश के विशेषज्ञ मौजूद रहे।



