उत्तराखंड: SIR के अगले चरणों में मतदाताओं को न हो परेशानीः CEO
मंडलायुक्तों और डीएम के साथ बैठक, 14 जुलाई से शुरू होगा फील्ड निरीक्षण

देहरादून, 10 जुलाई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने गुरुवार को कुमाऊं और गढ़वाल मंडलों के मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एसआईआर अभियान की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान के आगामी चरणों ड्राफ्ट प्रकाशन, नोटिस प्रक्रिया और दावे-आपत्तियों के निस्तारण के दौरान मतदाताओं को किसी प्रकार की अनावश्यक असुविधा न हो।
सीईओ ने कहा कि मानसून के दौरान पर्वतीय जिलों में सड़क अवरुद्ध होने और आवागमन प्रभावित रहने की संभावना को देखते हुए नोटिसों के जवाब और दावे-आपत्तियों की सुनवाई के लिए विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने सुनवाई स्थलों पर बिजली, पेयजल, इंटरनेट कनेक्टिविटी, स्कैनर और फोटोकॉपी जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में न्याय पंचायत स्तर पर क्लस्टर आधारित शिविरों और मैदानी जिलों में तहसीलों के साथ नगर निगम, नगर पंचायत और वार्ड स्तर पर शिविरों का रोस्टर तैयार करने को कहा। साथ ही ईआरओ और एईआरओ की सहायता के लिए शिक्षा, राजस्व और तहसील समेत संबंधित विभागों से दस्तावेज सत्यापन के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती करने के निर्देश दिए।
डॉ. पुरुषोत्तम ने बताया कि प्रदेश में 70 ईआरओ और 800 एईआरओ तैनात किए गए हैं। उन्होंने दोनों मंडलायुक्तों को 14 जुलाई से जिलों का फील्ड दौरा कर व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत, गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरुप, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र दुम्का, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास समेत जिलाधिकारी मौजूद रहे।



