उत्तराखंड का बंगाल से विशेष सांस्कृतिक जुड़ावः महाराज
पर्यटन मंत्री ने कोलकाता ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर में किया प्रतिभाग

देहरादून/कोलकाता, 10 जुलाई। उत्तराखंड के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड के पर्यटन को केवल चारधाम यात्रा तक सीमित न रखकर साहसिक, ग्रामीण, सीमांत, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने पर कार्य कर रही है।
यह बात उन्होंने शुक्रवार को कोलकाता में आयोजित ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर (टीटीएफ) में कही। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं।
उन्होंने बताया कि चमोली की नीति घाटी में 14,300 फीट से अधिक ऊंचाई पर आयोजित नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन और आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन जैसे आयोजन उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय साहसिक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित कर रहे हैं। ये आयोजन वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत सीमांत क्षेत्रों को नई पहचान देने का प्रयास हैं।
उन्होंने कहा कि टीटीएफ कोलकाता जैसे मंच उत्तराखंड की नई पर्यटन संभावनाओं को देश के प्रमुख बाजारों तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं। चारधाम यात्रा में आधार आधारित प्रमाणिक पंजीकरण व्यवस्था लागू कर श्रद्धालुओं की यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाया गया है।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने होटल एवं होम स्टे क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए नई बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) नीति लागू की है। साथ ही 100 से अधिक ट्रैकिंग रूटों की जीपीएस मैपिंग कर उन्हें सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से विश्व पर्यटन मानचित्र पर लाने का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है।
उन्होंने ट्रैवल एजेंसियों और टूर ऑपरेटरों से उत्तराखंड को केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि एक समग्र अनुभव के रूप में देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
मौके पर पश्चिम बंगाल के पर्यटन मंत्री शंकर घोष, गोवा के पर्यटन मंत्री रोहन, थाईलैंड के महावाणिज्य दूत सुसिरिपोर्न तांतिपन्याथेप, छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा, फेयरफेस्ट मीडिया के अध्यक्ष संजीव अग्रवाल, मालदीव के काउंसलर रामकृष्ण जायसवाल आदि मौजूद थे।



