उत्तराखंड में जल्द बढ़ेगा पर्यावरण मित्रों का मानदेयः धामी
महर्षि वाल्मीकि प्रकटोत्सव पर शोभायात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री

देहरादून, 26 अक्टूबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न विभागों में कार्यरत पर्यावरण मित्रों का मानदेय जल्द बढ़ाने की घोषणा की है। कहा कि इस बाबत बैठक आयोजित की जाएगी। सीएम धामी ने यह घोषणा महर्षि वाल्मीकि प्रकटोत्सव पर आयोजित शोभायात्रा के दौरान की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जीवन संदेश देता है कि व्यक्ति की पहचान उसकी जाति या सामाजिक स्थिति से नहीं, बल्कि उसके ज्ञान, कर्म और समाज के प्रति योगदान से होती है। रामायण सत्य, धर्म, त्याग, कर्तव्य, प्रेम, समानता और बंधुत्व जैसे मानवीय मूल्यों की प्रेरणा देती है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण और मंदिर परिसर में महर्षि वाल्मीकि, निषादराज और माता शबरी को स्थान दिया जाना सामाजिक समरसता का प्रतीक है।
सीएम धामी ने कहा कि केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से गरीबों, वंचितों और पिछड़े वर्गों को लाभ मिल रहा है। बताया कि उत्तराखंड में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विद्यार्थियों को कक्षा एक से 12 तक छात्रवृत्ति दी जा रही है। उनके लिए 15 निःशुल्क छात्रावास, पांच आवासीय विद्यालय और तीन आईटीआई संचालित हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था भी की गई है।
उन्होंने कहा कि अटल आवास योजना के तहत आवासहीन अनुसूचित वर्ग के परिवारों को घर निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। अंतरजातीय विवाह को प्रोत्साहित करने और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग की बेटियों के विवाह के लिए 50-50 हजार रुपये की सहायता का प्रावधान है।
इस अवसर पर मेयर सौरभ थपलियाल, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना, सिद्धार्थ अग्रवाल, श्याम अग्रवाल, अशोक वर्मा, नगर आयुक्त आलोक पांडे आदि मौजूद रहे।



