आपदा प्रबंधन की बारीकियों से रूबरू हुए प्रशिक्षु पुलिस अधिकारी

देहरादून, 30 सितम्बर। उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) में प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षकों को आपदा प्रबंधन और पुलिस की भूमिका की जानकारी दी गई। इस दौरान अधिकारियों ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण, तैयारी, प्रतिवादन, राहत, पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण की प्रक्रियाओं को समझा।
प्रशिक्षु अधिकारियों को आपदा प्रबंधन विभाग की कार्यप्रणाली, इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम, चेतावनी प्रसारण तंत्र और आपदा के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया की प्रक्रिया बताई गई। उन्हें राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की भूमिका, नीतिगत दिशा-निर्देशों और उनके राज्य स्तर पर क्रियान्वयन की जानकारी भी दी गई।
अधिकारियों ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) और जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (डीईओसी) की कार्यप्रणाली भी देखी। अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन प्रकाश चंद्र ने कहा कि आपदा प्रबंधन के हर चरण में पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण है। आपदा की स्थिति में पुलिस कानून-व्यवस्था के साथ मानव जीवन की सुरक्षा और राहत-बचाव कार्यों में भी अहम भूमिका निभाती है।
अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन एवं डीआईजी राजकुमार नेगी ने कहा कि प्रशिक्षु अधिकारियों को भविष्य में आपदा प्रबंधन में रणनीतिक और नेतृत्वकारी जिम्मेदारियां निभानी होंगी। उन्होंने मानवीय संवेदनशीलता, अनुशासन और त्वरित निर्णय क्षमता को प्रभावी आपदा प्रबंधन के लिए जरूरी बताया।
इस अवसर पर संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार पुनेठा, डॉ. पीडी माथुर, प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक दक्ष शोखंद, लव शर्मा, अदिति पुनेठा, हिमांशु दिवाकर, आदित्य तिवारी, दिव्येश उपाध्याय, अंकित थपलियाल, समीरण भट्ट, विनय सिंह, दीप्ति कैड़ा, तनुजा बिष्ट मौजूद रहे।



