जनता दरबारः बुजुर्गों ने अधिकारियों को बताई अपनी पीड़ा

Janta Darbar Dehradun : देहरादून। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित जनता दरबार में 201 शिकायतें दर्ज हुई। जिनमें सबसे अधिक मामले पारिवारिक उत्पीड़न, भूमि विवाद, अवैध कब्जे और नागरिक सुविधाओं से जुड़े रहे। कई मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि अन्य पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद की अध्यक्षता में आयोजित जनसुनवाई के दौरान बुजुर्गों की शिकायतों ने प्रशासन का विशेष ध्यान खींचा। बीमार घनश्याम भंडारी ने बेटे पर दुकान और मकान कब्जाने का आरोप लगाया, जबकि कैंसर पीड़ित 80 वर्षीय किस्मत सिंह ने बेटी-दामाद पर संपत्ति हड़पने और मारपीट का आरोप लगाया।
वहीं, आमवाला निवासी विधवा मुन्नी देवी ने बेटे-बहू द्वारा प्रताड़ित किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। इन मामलों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और एसडीएम स्तर पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में भी प्रशासन सक्रिय नजर आया। ग्राम खाला में भूस्खलन के कारण झुके हाईटेंशन बिजली खंभों और किद्दूवाला प्राथमिक विद्यालय के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन को गंभीर खतरा मानते हुए यूपीसीएल को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा जलभराव, दूषित पेयजल, कृषि भूमि कटाव, सड़क अतिक्रमण और गैस वितरण में अनियमितता जैसी शिकायतें भी सामने आईं। आर्थिक सहायता और स्कूल फीस माफी की मांग लेकर पहुंचे कई जरूरतमंदों के मामलों में संबंधित विभागों को जांच के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई में नगर निगम, पुलिस, पशुपालन और वन विभाग के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर प्रशासन ने नाराजगी जताई, और संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है।
मौके पर एसडीएम स्मृता परमार, विनोद कुमार, अपूर्वा सिंह, कुमकुम जोशी, अपर्णा ढ़ौडियाल, डीडीओ सुनील कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढ़ौडियाल, तहसीलदार सुरेन्द्र देव, विवेक राजौरी समेत अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।



