लोकसमाज
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बी. मोहन के पोस्टरों में खुल जाते थे कविता के अर्थ
सुनहरी दाढ़ी में दमकता मुखमंडल। आत्मा के उजास से दीप्त आँखें। कंधे पर लटकता एक थैला। कलाजगत के बीच जाना-पहचाना…
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यहां हर साल अंगारों पर नाचते हैं देवता
उत्तराखंड में जनपद रूद्रप्रयाग के गुप्तकाशी इलाके में देवशाल गांव है। जहां चौदह गांवों के बीच स्थापित जाखराजा मंदिर में…
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9वीं से 15वीं सदी तक ’52 गढ़ों’ का देश था ‘गढ़वाल’
आपने उत्तराखंड के प्रख्यात लोकगायक और गीतकार नरेन्द्र सिंह नेगी का यह गीत ‘वीर भड़ूं कू देस बावन गढ़ कू…
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